उत्तरकाशी के पाला गांव में धूमधाम से मनाया गया हारदूध मेला, देवता के डोली के साथ ग्रामीणों ने किया नृत्य
उत्तरकाशी जिले में भटवाड़ी प्रखंड में टकनौर क्षेत्र के पाला गांव में आज हारदूध मेला हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान देवता की डोली के साथ ग्रामीणो ने सामूहिक नृत्य किया। इसमें सबसे आकर्षक रासो नृत्य था। मान्यता अनुसार हारदूध पर्व पर ग्रामीण अपने दुधारू गायों का ताजा दूध लाकर समेश्वर महाराज को समर्पित करते है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ग्रामीणों के मुताबिक, इस दिन केवल छोटे बच्चों के हिस्से का दूध घर पर रखकर अन्य पूरा दूध देव डोलियों को चढ़ाया जाता है। तत्पश्चात नई फसल की खुशी में समेश्वर देवता के सानिध्य में रासों नृत्य कर खुशी मनाते हैं। इसी कड़ी में आज अपने पड़ोसी गांव बार्सू से भगवान बासुकी नाग देवता की डोली भी मेला स्थल पर पहुंची। इसके साथ ग्रामीणों ने जमकर रासो नृत्य कर उत्सव मनाया। इस दौरान पर समेश्वर देवता, बासुकी नाग देवता के साथ सर्फनाथ देवता, नारायण देवता व नरसिंह देवता की पूजा अर्चना की गई।नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो।



