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July 12, 2026

हिमालयन हॉस्पिटल में सीओपीडी से संबंधित जांच कराएं निशुल्क 13 नवंबर तक है मौका

देहरादून के डोईवाला में स्थित हिमालयन हॉस्पिटल जॉलीग्रांट में छाती एवं श्वास रोग से संबंधित मरीज सीओपीडी (क्रानिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) व पीएफटी (पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट) की जांच 08 से 13 नवंबर तक निशुल्क कर दी गई है।

देहरादून के डोईवाला में स्थित हिमालयन हॉस्पिटल जॉलीग्रांट में छाती एवं श्वास रोग से संबंधित मरीज सीओपीडी (क्रानिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) व पीएफटी (पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट) की जांच 08 से 13 नवंबर तक निशुल्क कर दी गई है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.एसएल जेठानी ने यह जानकारी दी।
पल्मोनरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. राखी खंडूरी ने बताया कि जागरूकता की कमी के कारण सीओपीडी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। हॉस्पिटल में 08 से 13 नवंबर तक निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसमें छाती एवं श्वास रोग (पल्मोनरी मेडिसिन) विभाग में आए मरीजों की सीओपीडी व पीएफटी की जांच निशुल्क की जांच की जा रही है। सीओपीडी के प्रति जागरूकता लाने के उददेश्य से स्वास्थ्य जागरुकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
डॉ.सुशांत खंडूरी ने कहा कि ठंड में खांसी आम बात है, लेकिन एक हद तक। अगर लंबे समय तक खांसी आपका पीछा न छोड़े, हर साल ठंड शुरू होते ही खांसी जोर पकड़ ले तो सावधान हो जाइए। यह सीओपीडी भी हो सकती है। पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. वरुणा जेठानी ने बताया कि सीओपीडी व पीएफटी (पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट) फेफड़े और सांस से संबंधी कई बीमारियों का पता लगाने के लिए किया जाता है।
क्या है सीओपीडी
डॉ. मनोज ने बताया कि सीओपीडी एक क्रॉनिक फेफड़ों की बीमारी है। इसमें सांस की नलियां सिकुड़ जाती हैं और उनमें सूजन आ जाती है। यह सूजन निरंतर बढ़ती रहती है इससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह घटता जाता है। यह बिमारी सांस में रुकावट से शुरू होती है और धीरे-धीरे सांस लेने में मुश्किल होने लगती है।
सीओपीडी के लक्षण
लगातार बलगम वाली खांसी, गले में खरास, सांस की कमी होना, काम करने के साथ सांस फूलना, छाती में जकड़न।
सीओपीडी से बचाव
बामारी पता लगते ही सबसे पहले धूम्रपान शीघ्र छोड़ दें।
तम्बाकू आदि से छुटकारा पाने के लिए टोबैको रिसेशन क्लीनिक्स की मदद ले सकते हैं।
डॉक्टर से जांच करा कर दवाएं लें।
धूल, धुआं, प्रदूषण और धूल वाले वातावरण में अपना घर न बनाएं।
रोज व्यायाम करें।
तरल पदार्थ का सेवन करें