भूल गया कहां पार्क की थी कार, पुलिस को दी चोरी की सूचना, लगा 10 हजार रुपये का जुर्माना
कार को पार्क कर एक व्यक्ति ये भूल गया कि उसने कार कहां पार्क की है। जब कार नहीं मिली तो उस व्यक्ति ने पुलिस को कार चोरी की सूचना दे दी। बाद में जब इस बात का खुलासा हुआ कि कार चोरी नहीं हुई और कार स्वामी खुद ही भूल गया कि कार कहां पार्क की है तो पुलिस भी सख्त हो गई। ऐसे में उक्त व्यक्ति पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ये मामला उत्तराखंड के नैनीताल जिले के काठगोदाम थाना क्षेत्र का है। नैनीताल जिले के एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि पुलिस आपातकालीन सेवा ‘डायल 112’ का दुरुपयोग करने और सरकारी मशीनरी को गुमराह करने वालों के विरुद्ध काठगोदाम पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया। कार चोरी की झूठी सूचना देने वाले एक कॉलर के विरुद्ध पुलिस ने ₹10,000 का चालान कर कड़ी कार्रवाई की है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
घटना का विवरण
26 मार्च, 2026 को त्रिवेणी चंद्र पाठक पुत्र कांति वल्लभ पाठक, निवासी देवलातल्ला, गोलापार की ओर से डायल 112 पर सूचना दी गई कि उनकी कार ‘मधुबन बैंक्वेट हॉल’ के पास से चोरी हो गई है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना काठगोदाम पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। सिटी पेट्रोल और चीता मोबाइल को तत्काल मौके पर रवाना किया गया और पूरे क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
जांच में खुला मामला
पुलिस टीम की ओर से कड़ी मशक्कत के बाद उक्त कार को मधुबन बैंक्वेट हॉल के पास ही एक एकांत स्थान से बरामद कर लिया गया। जब कॉलर से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने स्वीकार किया कि वह स्वयं गाड़ी खड़ी करके स्थान भूल गया था। बिना पुष्टि किए पुलिस को चोरी की सूचना दे दी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पुलिस एक्ट के तहत चालान
झूठी सूचना देकर पुलिस का समय बर्बाद करने और गुमराह करने पर पुलिस द्वारा सख्त रुख अपनाते हुए कॉलर के विरुद्ध 83 पुलिस एक्ट के तहत ₹10,000 की चालानी कार्यवाही की गई। अपनी गलती का अहसास होने पर कॉलर द्वारा भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न करने का लिखित माफीनामा भी प्रस्तुत किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
नैनीताल पुलिस का संदेश
नैनीताल पुलिस ने जनता से अपील है कि आपातकालीन सेवा (112) का उपयोग केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही करें। झूठी सूचना से पुलिस का कीमती समय नष्ट होता है और वास्तविक जरूरतमंदों तक सहायता पहुँचने में विलंब हो सकता है। भ्रामक या झूठी सूचना देने वाले के विरुद्ध पुलिस द्वारा सख्त से सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


