पहले कोरोना टीका उत्सव हुआ फ्लाप, अब 18 साल वालों को एक मई से टीके के कार्यक्रम में संशय

पहले 11 से 14 अप्रैल को देश भर में मनाया गया टीका उत्सव फ्लाप हो गया। अब एक मई से 18 साल से लेकर 45 साल तक के लोगों को कोरोना का टीका लगाने का कार्यक्रम के शुरू होने पर भी फिलहाल संशय है। कारण ये है कि कई राज्यों ने व्यवस्थाएं न होने के चलते पहले दिन से टीकाकरण करने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
पूरे देश भर में राज्य सरकारें कोरोना को लेकर बड़े बड़े दावे कर रही हैं। जमीनी हकीकत अलग है। दावों के साथ फोटो सेशन चल रहा है। कहीं काम हो रहा है तो वहां मुखिया फोटो खिंचवाने पहुंच जाते हैं। ऐसे में काम तो प्रभावित होगा, साथ ही भीड़ की स्थिति में महामारी फैलने का भी भय है।
यही नहीं युवाओं को कोरोना के टीके को लेकर हर दिन सरकारें दावा कर रही हैं, लेकिन उसके लिए क्या नीति बनाई ये सरकारें नहीं बता पा रही हैं। कोरोना वैक्सीन की स्थिति क्या है। कितनी बची है, कितनी खपत हो गई। इसका आंकड़ा भी स्वास्थ्य विभाग जारी करने से परहेज करने लगा है। अब आपको बताते हैं कोरोना उत्सव क्या था। इसकी स्थिति उत्तराखंड में क्या रही। अब देश में युवाओं के लिए टीकाकरण को लेकर राज्यों का क्या कहना है।
ये था टीका उत्सव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ अप्रैल को विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में टेस्टिंग और ट्रेसिंग पर जोर दिया था। वहीं, ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाने की बात कही। उन्होंने मीटिंग में मौजूद सभी मुख्यमंत्रियों से कहा था कि हम 11 अप्रैल ज्योतिबा फुले के जन्मदिवस से लेकर 14 अप्रैल, बाबा साहब आंबेडकर के जन्मदिन तक देश में ‘टीका उत्सव’ मना सकते हैं।
टीका उत्सव में वैक्सीनेशन
11 अप्रैल से 14 अप्रैल तक चलने वाले टीका उत्सव को उत्तराखंड के नजरिए से देखें तो हकीकत कुछ ओर बयां कर रही है। 11 अप्रैल को 300 केंद्र में 29719 लोगों को, 12 अप्रैल को 581 केंद्र में 49242 लोगों को, 13 अप्रैल को 620 केंद्र में 34799 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। 14 अप्रैल को 533 केंद्र में 30600 लोगों को कोरोना के टीके, 15 अप्रैल को 557 केंद्र में 34552 लोगों को कोरोना के टीके लगे। प्रदेश में 15 अप्रैल तक कुल 1250787 टीके की डोज लग चुकी थी।
टीका उत्सव से पहले की स्थिति
अब टीका उत्सव से पहले की स्थिति में नजर डालें तो इन दिनों से ज्यादा पहले टीके लगाए गए। सात अप्रैल को 572 केंद्र में 63470 टीके, आठ अप्रैल को 718 केंद्र में 107658 टीके, नौ अप्रैल को 697 केंद्र में 60841 को टीके, 10 अप्रैल को 519 केंद्र में 45684 को टीके लगाए गए।
18 साल से 45 साल तक का टीकाकरण
देश में कोरोनावायरस के नए मामलों की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। पिछले कुछ दिनों से रोजाना तीन लाख से ऊपर मामले आने से प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बीच, एक मई से 18 साल से ऊपर के लोगों को वैक्सीनेशन देने का कार्यक्रम शुरू होना है। हालांकि, कई राज्यों में पर्याप्त वैक्सीन की उपलब्धता नहीं होने की वजह से वैक्सीनेशन कार्यक्रम पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों ने कहा है कि उनके पास पर्याप्त संख्या में डोज नहीं हैं। कोरोना के मामलों में तेजी के बीच सरकार ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण करना चाहती है। 45 से और उससे अधिक वालों के पहले से टीके लगाए जा रहे हैं।
मुंबई में तीन दिन के लिए रोका टीकाकरण
एक मई से शुरू हो रहे 18 पार के सभी लोगों के टीकाकरण अभियान पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। राज्यों ने हाथ खड़े कर दिए हैं और कहा है कि वैक्सीन ही नहीं है तो कैसे अभियान शुरू करें. मुंबई में वैक्सीन न होने पर तीन दिन के लिए टीकाकरण रुका हुआ है।
मुंबई में अगर टीके की पर्याप्त खुराक नहीं पहुंचती है तो कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अगले दो दिनों तक रोकना पड़ सकता है। यह चेतावनी बृहस्पतिवार को एक अधिकारी ने दी। महानगर में टीकाकरण केंद्रों पर 45 वर्ष से ऊपर के लोगों की लंबी कतारें दिख रही हैं।
मुंबई नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी ने कहा कि बुधवार की रात हमें बताया गया कि हमें टीके की करीब 75 हजार खुराकें मिलेंगी। इतनी कम आपूर्ति से बीएमसी ने कुछ ही टीकाकरण केंद्र खोले, जबकि अन्य केंद्रों को बंद रखा गया।
दिल्ली की स्थिति
दिल्ली सरकार का कहना है कि वह निर्माता कंपनी से वैक्सीन की ताजा सप्लाई का इंतजार कर रही है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि हमारे पास अभी वैक्सीन नहीं है। इसके लिए कंपनी से आग्रह किया गया है, जब ये आ जाएंगी तो हम आपको बताएंगे।
तमिलनाडु में भी अनिश्चितता
तमिलनाडु ने डेढ़ करोड़ डोज का आर्डर दिया है लेकिन सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार 18 से 45 के आयुवर्ग के लिए शनिवार से टीकाकरण शुरू होने को लेकर अनिश्चितता की स्थिति में है। सूत्रों ने बताया, ‘एक कंपनी ने कहा कि हमारे पास जून तक सप्लाई नहीं है। हम निश्चित नहीं है कि देशभर में 1 मई से टीकाकरण अभियान शुरू हो पाएगा।
पंजाब सरकार का ये है कहना
पंजाब ने भी कहा है कि वह अभी टीकाकरण का नया राउंड शुरू नहीं कर सकता. पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि हम टीकाकरण तभी शुरू कर सकते हैं जब हम 10 लाख तक डोज मिल जाए।
वैक्सीन की कमी से जूझ रहा राजस्थान
राजस्थान भी वैक्सीन की कमी के संकट से जूझ रहा है। राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि वैक्सीन निर्माताओं ने कहा है कि वे 15 मई से पहले सप्लाई नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारे पास स्टोरेज में वैक्सीन नहीं है. 18+ के टीकाकरण के लिए हमें सात करोड़ वैक्सीन चाहिए, लेकिन ये हमें समय पर मिलनी चाहिए।



