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August 19, 2026

कोरोना का खौफः नवीं से लेकर 12 वीं के छात्रों के लिए खुले स्कूल, पहले दिन अंगुलियों में गिनने लायक पहुंचे छात्र

कोरोना का खौफ कहें या फिर ऑनलाइन पढ़ाई का आसान तरीका। उत्तराखंड के पहले दिन सरकारी और निजी स्कूलों में बच्चों की संख्या अंगुलियों में गिनने लायक रही।

कोरोना का खौफ कहें या फिर ऑनलाइन पढ़ाई का आसान तरीका। उत्तराखंड के पहले दिन सरकारी और निजी स्कूलों में बच्चों की संख्या अंगुलियों में गिनने लायक रही। उत्तराखंड में राज्य में समस्त बोर्ड की ओर से संचालित शिक्षण संस्थान के साथ ही निजी और बोर्डिंग, डे बोर्डिंग शिक्षण संस्थान में आफलाइन पढ़ाई आज से शुरू हो गई है। नौ से 12 तक की कक्षाएं आज यानी दो अगस्त से आरंभ कर दी गई हैं। छह से आठ तक की कक्षाएं 12 अगस्त से शुरू करने का सरकार ने फैसला किया है। इस संबंध में शिक्षा सचिव राधिका झा ने समस्त शिक्षण संस्थानों के साथ ही बोर्डिंग शिक्षा संस्थानों के लिए अलग-अलग गाइडलाइन जारी कर दी थी। इसमें दिए गए नियमों का शिक्षण संस्थानों को कढ़ाई से पालन करना है।
वहीं, अब पहले दिन की बात की जाए तो सहस्त्रधारा रोड स्थित एक नामी स्कूल में सिर्फ 15 विद्यार्थी ही इस स्कूल में पहुंचे। इस स्कूल में करीब तीन हजार छात्र हैं। इनमें नवीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने से संबंधी शासन की गाइडलाइन के अनुरूप अभिभावकों को सूचना दे दी गई थी। इनमें 67 के अभिभावकों ने आफलाइन की पढ़ाई के लिए सहमति जताई थी। इनमें से मात्र 15 विद्यार्थी ही स्कूल पहुंचे। अब देखना ये है कि आने वाले दिनों में कैसी स्थिति रहने वाली है।
देहरादून में सनातम धर्म इंटर कॉलेज बन्नू रेसकोर्स में नवीं से 12वीं तक के 400 विद्यार्थी हैं। इनमें से मात्र पहले दिन 65 विद्यार्थी पहुंचे। कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेश चंद्र शर्मा के मुताबिक सभी अभिभावकों को स्कूल खुलने की सूचना दे दी गई थी। साथ ही विद्यार्थियों को परिजनों का सहमति पत्र लाने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले दिन छात्र कम रहें, लेकिन धीरे धीरे इसकी संख्या बढ़ेगी।
पर्वतीय जिलों में भी नहीं देखा गया उत्साह
अब पर्वतीय जिलों की स्थिति ही देख लो। उत्तरकाशी जिले में न्यू होली लाइफ हायर सेकेंड्री स्कूल बड़कोट में नवीं और 10वीं के 60 विद्यार्थी हैं। इनमें से मात्र 20 ही पहले दिन स्कूल पहुंचे। बड़कोट में ही सुमन ग्रामर इंटर कॉलेज बड़कोट में नवीं से लेकर 12वीं तक 150 विद्यार्थी हैं। इनमें से मात्र 40 ही पहले दिन स्कूल पहुंचे।
इस समय भले ही उत्तराखंड में कोरोना के संक्रमित कम हुए हों, लेकिन जब तक बच्चों का टीका नहीं आ जाता, लोग रिस्क लेने के मूड में नहीं हैं। रविवार एक अगस्त की शाम स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में उत्तराखंड में 24 घंटे के भीतर 22 नए संक्रमित मिले। इस अवधि में किसी की मौत नहीं हुई। ये लगातार पांचवा दिन है, जब किसी की कोरोना से मौत नहीं हुई। इसके बावजूद लोगों में कोरोना की तीसरी लहर का खौफ नजर आ रहा है।