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August 12, 2026

सुविधा चालू नहीं, बाबा रामदेव और सीएम कर गए उद्घाटन, वेंटिलेटर के अभाव में महिला ने तोड़ा दम

सुविधाएं चालू होने से पहले ही अस्पताल का उद्घाटन कर दिया गया। उद्घाटन भी प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और योग गुरु बाबा रामदेव के साथ ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक कर गए। वहीं, महिला की वेंटिलेटर के अभाव में मौत हो गई।


अब देखो फोटो खिंचवाने के मोह के चक्कर में सुविधाएं चालू होने से पहले ही अस्पताल का उद्घाटन कर दिया गया। उद्घाटन भी प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और योग गुरु बाबा रामदेव के साथ ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक कर गए। दावा किया गया कि पतंजलि योगपीठ के संयुक्त प्रयासों से 140 क्षमता के कोविड अस्पताल में 140 ऑक्सीजन बेड, 10 इमरजेंसी बेड, 4 वेंटिलेटर की व्यवस्था है। उद्घाटन के कुछ ही देर बाद एक महिला ने वेंटिलेटर के अभाव में दम तोड़ दिया। पता चला कि अभी से सुविधाएं चालू तक नहीं की गई। अब सवाल ये उठता है कि अधूरी व्यवस्थाओं के बीच आखिर अस्पताल का उद्घाटन कर झूठ क्यों बोला गया।
हरिद्वार में दुधाधारी स्थित बेस अस्पताल में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत चार मई मंगलवार को हरिद्वार पहुंचकर उत्तराखंड सरकार एवं पतंजलि योगपीठ के संयुक्त प्रयासों से संचालित हो रहे हैं 140 क्षमता के कोविड अस्पताल का विधिवत शुभारंभ किया। दावा किया गया कि इस अस्पताल में 140 ऑक्सीजन बेड, 10 इमरजेंसी बेड, 4 वेंटिलेटर की व्यवस्था है।
बताया जा रहा है कि उद्घाटन से पहले ही इसका बखूबी प्रचार किया गया। इसकी जानकारी मिलते ही लोग वहां बेड की तलाश में पहुंचने लगे। कोरोना संक्रमित कनखल के सर्वप्रिय विहार निवासी 66 वर्षीय महिला रेखा शर्मा को भी वहां भर्ती कराया गया। जब उसकी तबीयत बिगड़ी तो वेंटिलेटर नहीं मिला। इस पर उनके बेटे अनुज शर्मा ने अस्पताल में पहुंचे बाबा रामदेव से भी गुहार लगाई। बाबा रामदेव ने मरीज का नाम पूछा, लेकिन वे भी मरीज की मदद नहीं कर सके।
बेटे अनुज के मुताबिक जब मरीज को भर्ती किया गया तो बताया गया कि वहां वेंटिलेटर की सुविधा है। बाद में वेंटिलेटर की सुविधा चालू नहीं होने की बात की गई। उनसे कहा गया कि अपनी मां को कहीं दूसरे अस्पताल में ले जा सकते हो। इस पर वह इधर उधर भटका, लेकिन कहीं बेड नहीं मिले। बाद में गुहार लगाने पर एक नर्स ने बताया कि उसकी मां की मौत हो चुकी है। नोडल अधिकारी दयानंद सरस्वती के मुताबिक किसी कारण से वेंटिलेटर शुरू नहीं हो पाए। सीएमओ डा शंभूनाथ का कहना है कि जल्द शुरू किए जाएंगे।
इस मामले में शोसल मीडिया में एक पत्रकार शशि शर्मा ने पोस्ट कर जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि- बेहद दुख के साथ सूचित करना पड रहा है कि मेरी सम्धन श्रीमती बृजबाला खंडूजा पत्नी स्वर्गीय श्री लक्षमण दास खंडूजा का विगत रात्रि नव निर्मित, बाबा रामदेव द्वारा अधिगृहीत बेस अस्पताल में निधन हो गया। लेकिन हमें कोई सूचना नहीं दी गई। सुबह सुबह जब परिवार के लोग हाल जानने पहुंचे तो बताया गया कि उनका तो रात साढ़े ग्यारह बजे निधन हो गया। जबकि रात साढ़े नौ बजे तक परिजन वहीं मौजूद थे। वहां रुकने की कोई व्यवस्था न होने के कारण वापस आना पडा। वह रात को स्टेबल थीं।


उन्होंने आरोप लगाया कि- और उस पर तुर्रा ये कि सुबह शव देने में भी आनाकानी की गई। कहा गया कि पहले पुलिस को सूचित करो, पुलिस साथ लाओ तब शव मिलेगा। मेरी सीओ सिटी अजय जी से बात हुई उन्होंने बताया ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, किन्तु उन्होंने हमें पूरी सहायता के आश्वासन दिया है। बहरहाल बाबा जी आपके दावे पहले ही दिन धराशाई हो गए। हमारे परिजन के शव की भी बेकदरी तो आम जन का क्या करेंगे आप।