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October 17, 2026

धार्मिक सौहार्द की मिसाल, दुनिया के सबसे बड़े मंदिर के निर्माण को मुस्लिम परिवार ने दान की ढाई करोड़ की जमीन

देश में भले ही समय समय पर धार्मिक उम्माद की खबरें आती हैं, लेकिन सांप्रदायिक सौहार्द भी भारत की सबसे बड़ी खूबसूरती है। तमाम मसलों पर धार्मिक मतभेदों के बीच बिहार में सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल कायम करने वाली एक खबर सामने आई है।

देश में भले ही समय समय पर धार्मिक उम्माद की खबरें आती हैं, लेकिन सांप्रदायिक सौहार्द भी भारत की सबसे बड़ी खूबसूरती है। तमाम मसलों पर धार्मिक मतभेदों के बीच बिहार में सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल कायम करने वाली एक खबर सामने आई है। यहां एक मुस्लिम परिवार ने दुनिया के सबसे बड़े मंदिर के निर्माण के लिए अपनी 2.5 करोड़ रुपये की जमीन दान कर दी। यहां दुनिया का सबसे बड़े मंदिर विराट रामायण मंदिर का निर्माण पूर्वी चंपारण के कैठवालिया इलाके में हो रहा है। रिपोर्टरों से बातचीत में पटना के महावीर मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख आचार्य किशोर ने ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इश्तियाक अहमद खान ने ये जमीन दान करने का फैसला किया है। वह पूर्वी चंपारण से ताल्लुक रखते हैं और उनका गुवाहाटी में कारोबार है।
इश्तियाक ने हाल ही में मंदिर को जमीन दान में देने से जुड़ी सारी औपचारिकताएं पूरी कीं। पूर्व आइपीएस अफसर कुणाल ने कहा कि पूर्वी चंपारण के सब डिविजन केशरिया के रजिस्ट्रार ऑफिस में ये औपचारिकताएं पूरी की गईं। आचार्य ने कहा कि इश्तियाक खान के परिवार की ओर से ये भूमि दान में देना सामाजिक सौहार्द्र और भाईचारे की बड़ी मिसाल है। मुस्लिमों के सहयोग के बिना ये सुनहरा प्रोजेक्ट पूरा होना मुश्किल था। महावीर मंदिर ट्र्स्ट अब तक मंदिर निर्माण के लिए 125 एकड़ जमीन प्राप्त कर चुका है।
ट्र्स्ट जल्द ही 25 एकड़ जमीन और हासिल करेगा। विराट रामायण मंदिर दुनिया में सर्वप्रसिद्ध और 12वीं सदी के अंगकोरवाट के मंदिर से भी लंबा होगा। अंगकोरवाट मंदिर की ऊंचाई 215 मीटर है। पूर्वी चंपारण के परिसर में ऊंचे शिखरों वाले 18 मंदिर होंगे और इसके शिव मंदिर में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग होगा। इस मंदिर की लागत करीब 500 करोड़ रुपये होगी। नई दिल्ली में संसद भवन के निर्माण में लगे कई नामचीन वास्तुकारों की मदद से जल्द ही वास्तु को ध्यान में रखते हुए डिजाइन फाइल करते हुए मंदिर का निर्माण शुरू किया जाएगा।

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।