बहुत हो चुका धर्म के नाम पर बंटवारा, एक सार्थक पहल की हुई शुरूआत, मस्जिद में पहुंचे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत
धर्म के नाम पर लोगों को आपस में बाटने का खेल बहुत हो चुका है। इसे मुस्लिम समुदाय भी महसूस कर रहा है तो वहीं, आरएसएस भी। अब दोनों तरफ के बुद्धिजीवियों की ओर से सांप्रदायिक सदभाव के प्रयास शुरू हो चुके हैं। इसके लिए बातचीत का दौर भी आरंभ हो चुका है। जो आगे भी जारी रहने की संभावना है। ऐसी बातचीत में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने गौकशी और हिंदुओं को काफिर कहने पर आपत्ति जताई थी। दूसरी ओर, मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने हर मुसलमान को शक की निगाह से देखने पर अपनी चिंता का इजहार किया था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)ऐसी ही बातचीत को आगे बढ़ाने के क्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत आज दिल्ली में मुस्लिम बुद्धिजिवियों और इमामों से मिलने कस्तूरबा गांधी मार्ग स्थित मस्जिद पहुंचे हैं। उनके साथ डॉ. इमाम उमर अहमद और इंद्रेश भी हैं। आरएसएस ने हाल ही मुसलमानों से संपर्क बढ़ाया है और भागवत ने समुदाय के नेताओं के साथ कई बैठकें की हैं। पिछले साल भी उन्होंने मुंबई के एक होटल में मुस्लिम बुद्धिजीवियों के एक समूह के साथ मुलाकात की थी। सितंबर 2019 में भागवत ने दिल्ली में आरएसएस कार्यालय में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना सैयद अरशद मदनी से भी मुलाकात की थी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
गौरतलब है कि मुस्लिम समुदाय के कुछ बुद्धिजीवियों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत से पिछले महीने मुलाकात की थी। इस दौरान हिंदू-मुस्लिम के बीच सौहार्द के लिए काम करने पर सहमति बनी है। आरएसएस ने हाल के दिनों में मुसलमानों से संपर्क बढ़ाया है। इन मुस्लिम बुद्धिजीवियों में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी और दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग भी शामिल थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कुरैशी ने बताया था कि 22 अगस्त को मुस्लिम बुद्धिजीवियों से संघ प्रमुख भागवत मिले थे। इस दौरान पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ़ नुपुर शर्मा के बयान पर चर्चा हुई थी। इसके अलावा बनारस की ज्ञानवापी मस्जिद के विषय में भी बातचीत हुई। कुरैशी ने बताया कि मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने इस मुलाकात के लिए वक्त मांगा था। आज इसी के क्रम में बातचीत का एक और दोर शुरू हो रहा है। सूत्रों ने कहा कि दो घंटे तक चली बैठक के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत बनाने और अंतर-सामुदायिक संबंधों में सुधार पर व्यापक चर्चा हुई।

Bhanu Prakash
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



