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February 18, 2026

एचआईएचटी में भव्यता के साथ मनाया गया डॉ. स्वामी राम का 30 वां महासमाधि दिवस, कर्नाटक की संस्था को स्वामी राम मानवता पुरस्कार

देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में स्थित एचआईएचटी संस्थापक डॉ.स्वामी राम का 30वां महासमाधि दिवस समारोह भव्यता के साथ मनाया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि एचआईएचटी संस्थापक डॉ.स्वामी राम विश्व की धरोहर हैं। स्वामी मानवता सेवा के संवाहक रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

गुरुवार को स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय जौलीग्रांट परिसर में एचआईएचटी संस्थापक डॉ.स्वामीराम के 30वें महासमाधि दिवस पर आयोजित समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने कहा कि मानवता की सेवा डॉ. स्वामी राम के जीवन का मूल उद्देश्य रहा है। उन्होंने समाज में मानवता और करुणा के प्रसार में डॉ. स्वामी राम के योगदान की प्रशंसा की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

एचआईएचटी के अध्यक्षीय समिति के सदस्य व स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जॉलीग्रांट के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने संस्थापक डॉ. स्वामी राम से जुड़े संस्मरणों को साझा किया। इसके साथ ही एचआईएचटी के गौरवमयी इतिहास पर प्रकाश डाला। डॉ.धस्माना ने कहा कि संस्थान स्वामी के उद्देश्य के अनुसार ही जन सेवा के पथ पर अग्रसर है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

समारोह में संस्थान से जुड़े 39 कर्मचारियों को ‘उत्कृष्ट कर्मचारी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। इस दौरान एचआईएचटी के वार्षिक कैलेंडर-2026 का विमोचन भी किया गया। समारोह के आखिर में डॉ.विजेंद्र चौहान ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके बाद दोपहर में आयोजित भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान स्वामी राम साधक ग्राम ऋषिकेश के प्रमुख स्वामी ऋतुवान भारती, कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, पूर्व कुलाधिपति डॉ. मोहन स्वामी, विक्रम सिंह, डॉ. प्रकाश केशवया, डॉ. रेनू धस्माना आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन गरिमा कपूर ने किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

स्वामी राम सेंटर में राज्यपाल ने अर्पित की श्रद्धांजलि
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने स्वामी राम सेंटर पहुंचकर ट्रस्ट के संस्थापक ब्रह्मलीन डॉ. स्वामी राम को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके जीवन एवं योगदान को नमन किया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्वामी राम सेंटर में आयोजित फोटो प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और स्वामी राम के जीवन दर्शन एवं सेवा कार्यों से संबंधित जानकारी प्राप्त की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सुमंगली सेवा आश्रम, कर्नाटक को स्वामी राम मानवता पुरस्कार-2025
डोईवाला- वर्ष 2003 से हिमालयन इंस्टिट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट (एचआईएचटी) देशभर में आर्थिक, पर्यावरण, विज्ञान संबंधी, सामाजिक व आध्यात्मिक क्षेत्र में समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली किसी एक प्रतिष्ठित संस्था अथवा व्यक्ति को स्वामी राम मानवता पुरस्कार प्रदान कर रहा है। यह सम्मान स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष परम पूज्य स्वामी राम की मानव सेवा की भावना को समर्पित है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने बताया कि इस वर्ष स्वामी राम मानवता पुरस्कार-2025 सामाजिक कार्यों को समर्पित संस्था ‘सुमंगली सेवा आश्रम, कर्नाटक” को प्रदान किया गया। पुरस्कार के रुप में संस्था को 10 लाख रुपए, प्रशस्ति पत्र और गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। सुमंगली सेवा आश्रम की संस्थापक अध्यक्ष डॉ.एस. जी. सुशीलम्मा ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

1975 से मानव सेवा में समर्पित है सुमंगली सेवा आश्रम
सुमंगली सेवा आश्रम, जिसकी स्थापना 1975 में डॉ.एस. जी. सुशीलम्मा (संस्थापक-अध्यक्ष) एवं एम. कंठम्मा (सचिव) ने की थी। पिछले पाँच दशकों से निराश्रित महिलाओं, अनाथ बच्चों, वृद्धजन एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सेवा में समर्पित है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

संस्था द्वारा संचालित प्रमुख सेवाओं में प्रेमानंद मक्कला कुटीर (बच्चों का आवास गृह), रैगपिकर्स पुनर्वास केंद्र, 174 आंगनबाड़ी केंद्र, सौहार्द शॉर्ट स्टे होम (संकटग्रस्त महिलाओं के लिए आश्रय), पुण्यकोटि वनप्रस्थाश्रम (वृद्धाश्रम), स्व-सहायता समूह, विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं मोबाइल क्लिनिक शामिल हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक न्याय को एकीकृत कर सुमंगली सेवा आश्रम ने समाज में करुणा, आत्मनिर्भरता एवं सेवा की मिसाल कायम की है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ग्राम्य विकास विभाग ने 108 बच्चों को प्रदान की छात्रवृति
ग्राम्य विकास संस्थान में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय की ओर से 108 बच्चों को छात्रवृति दी। प्रत्येक बच्चे को 9700 रुपए की स्कॉलरशिप प्रदान की गई। जनपद देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी से कक्षा एक से 12वीं तक यह सभी बच्चे थे। डॉ.धस्माना ने बताया कि यह सभी बच्चे विकलांग, अनाथ या एकल अभिभावक के संरक्षण में हैं अथवा आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

‘शांति की स्वर धारा’ भजन संध्या आयोजित
एचआईएचटी संस्थापक ब्रह्मलीन स्वामी राम की महासमाधि दिवस पर भजन संध्या का आयोजन किया गया। शाम को करीब साढ़े छह बजे विश्वविद्यालय सभागार में ‘शांति की स्वर धारा’ भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वप्रसिद्ध संगीतकार एवं शांतिदूत हिरोकी ओकानो ने अपनी बांसुरी वादन की संगीतमय प्रस्तुति से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कार्यक्रम में बयान
सुमंगली सेवा आश्रम की संस्थापक व अध्यक्ष डॉ. एसजी सुशीलम्मा ने कहा कि गुरूदेव डॉ.स्वामी राम के नाम से यह सम्मान पाना हमारे लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। यह केवल सुमंगली सेवा आश्रम के कार्यों की सराहना नहीं, बल्कि उन सभी सहयोगियों और स्वयंसेवकों का सम्मान है जिन्होंने पिछले पाँच दशकों से हमारे साथ मिलकर सेवा का संकल्प निभाया है। स्वामी राम के आदर्श हमें आगे भी करुणा, निष्ठा और निस्वार्थ सेवा के मार्ग पर चलते रहने की प्रेरणा देते रहेंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह के मुताबिक, परम् श्रद्धेय गुरूदेव डॉ.स्वामी राम ने शिक्षा एंव स्वास्थ्य के माध्यम से समाज को जो दिशा दी वह बेमिसाल है। डॉ. स्वामी राम न केवल हमारे देश के, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के लिए एक अनमोल धरोहर हैं। उनका जीवन मानवता और सेवा के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श हमें यह सिखाते हैं कि असली मानवता दूसरों की भलाई में ही है। आज हम उनके योगदान को याद करते हुए समाज में करुणा और सेवा की भावना को बढ़ावा दे रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना के अनुसार, गुरुदेव डॉ. स्वामी राम की विचारधारा ‘योग: कर्मसु कौशलम्’ के ध्येय के साथ सामाजिक उत्थान में एचआईएचटी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उनके जीवन और शिक्षाओं से प्रेरित होकर ही हम आज समाज में सेवा और मानवता के मूल्य को आगे बढ़ा रहे हैं। यह महासमाधि दिवस हमें उनकी अमर स्मृति के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने और समाज सेवा के पथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

एसआरएचयू के ‘उत्कृष्ट कर्मचारी पुरस्कार’-2025
टीचर ऑफ दी ईयर- डॉ. गरिमा मित्तल, डॉ. संजीव कुमार पाण्डे, प्रीति प्रभा
रीसर्चर ऑफ दी ईयर- डॉ. मनीष रतूड़ी
क्लीनिशियन अवॉर्ड- डॉ. राखी खंडूरी
एडमिनिस्ट्रेटीव स्टाफ अवॉर्ड- डॉ. विनीत मेहरोत्रा, चंद्र शेखर पंत, गौरा
नर्सिंग स्टाफ अवॉर्ड- सुनील कुमार गुप्ता, रशेल शालिनी बोधन, अब्दुल कलाम, इंद्रज सैनी, राकेश कुमार सिंह
पैरा क्लीनिकल अवॉर्ड- मुकेश सिलस्वाल, ज्योति राठौर, मुकुल मोहन, सुशील सकलानी,
ऑफिस स्टाफ अवॉर्ड- आशू बहुगुणा, सुरेन्द्र सिंह भंडारी, दीप चंद्र जोशी, अनुज सिंधवाल, बिपिन सिंह, विशाल तोमर
सपोर्टिंग स्टाफ अवॉर्ड- प्रमोद कोठारी, संजीव कुमार, सतीश चंद्र पंत, मनमोहन भट्ट, कमलेश्वर प्रसाद थपलियाल, सोनू नेगी, रोहित जमोली, मुकेश, तौकीर हुसैन, अरविंद कुमार, रमेश कृषाली
आउटरीच सर्विसेस अवार्ड- ज्योति शर्मा
हाउसकीपिंग- मनोज, ललित गुरूंग, देव बहादुर, रोहित
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Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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