दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने असम के सीएम पर लगाए पीपीई किट सौदे में भ्रष्टाचार के आरोप, बिस्वा ने किया पलटवार
दिल्ली और असम के बीच अब भ्रष्टाचार को लेकर लड़ाई शुरू हो गई है। मोर्चे पर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और असम के सीएम हिमंत बिस्वा उतर गए हैं। ये लड़ाई कोरोनाकाल के दौरान पीपीई किट खरीद को लेकर शुरू हुई। इसमें मनीष सिसोदिया ने बिस्वा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। वहीं, बिस्वा ने आरोपों पर पलटवार किया। दरअसल दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा पर पीपीई किट सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। इसके बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने भी एक के बाद एक कई ट्वीट कर इस आरोप पर अपनी सफाई दी। साथ ही उन्होंने कहा कि सिर्फ आधे कागजात मत दिखाइए, हिम्मत है तो पूरी जानकारी दीजिए।माननीय मुख्यमंत्री @himantabiswa जी! यह रहा आपकी पत्नी की JCB इंडस्ट्रीज के नाम 990/- प्रति किट के हिसाब से 5000 किट ख़रीदने का contract… बताइए क्या यह काग़ज़ झूँठा है?
क्या स्वास्थ्यमंत्री रहते अपनी पत्नी की कम्पनी को बिना टेंडर purchase order देना भ्रष्टाचार नहीं है? https://t.co/qHcZYjfkrv pic.twitter.com/XR5q9V2bTe
— Manish Sisodia (@msisodia) June 4, 2022
मनीष सिसोदिया ने एक दस्तावेज पेश करते हुए अपने आरोप में कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी पत्नी की कम्पनी और बेटे के पार्टनर की कम्पनियों को सरकारी खरीद के ठेके दिए। जब 2020 में वो असम के स्वास्थ्य मंत्री थे, तब कोविड की आड़ में भ्रष्टाचार किये गए। मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया कि माननीय मुख्यमंत्री @himantabiswa जी! यह रहा आपकी पत्नी की JCB इंडस्ट्रीज के नाम 990/- प्रति किट के हिसाब से 5000 किट ख़रीदने का contract… बताइए क्या यह काग़ज़ झूठा है? क्या स्वास्थ्य मंत्री रहते अपनी पत्नी की कम्पनी को बिना टेंडर purchase order देना भ्रष्टाचार नहीं है?
https://t.co/Xw94tURAZi pic.twitter.com/AyuMpkp2HQ
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) June 4, 2022
असम के सीएम ने अपने ट्वीटर पर लिखा कि ऐसे समय में जब पूरा देश 100 से अधिक वर्षों में सबसे भीषण महामारी का सामना कर रहा था। असम के पास शायद ही कोई पीपीई किट हो। मेरी पत्नी ने आगे आने और जीवन बचाने के लिए सरकार को लगभग 1500 मुफ्त दान करने का साहस किया। उसने एक पैसा भी नहीं लिया।
एक दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि मनीष सिसोदिया जी आपने उस समय अपना एक अलग रूप दिखाया। आपने दिल्ली में फंसे असम के लोगों की मदद के लिए मेरे कई कॉल्स को ठुकरा दिया। मैं ये कभी नहीं भूल सकता जब मुझे दिल्ली के मुर्दाघर से असम के एक कोविड पीड़ित का शव लेने के लिए 7 दिन इंतजार करना पड़ा। एक अन्य ट्वीट में असम के सीएम ने लिखा कि उपदेश देना बंद करें और मैं जल्द ही आपको गुवाहाटी में देखूंगा, क्योंकि आप आपराधिक मानहानि का सामना करेंगे।




