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July 6, 2026

देहरादून के शायर एवं पत्रकार दर्द गढ़वाली की ग़ज़ल-रात भर मुझको सोचना छोड़ो

देहरादून के शायर एवं पत्रकार दर्द गढ़वाली की ग़ज़ल-रात भर मुझको सोचना छोड़ो।

रात भर मुझको सोचना छोड़ो।
दिन में ख्वाबों को देखना छोड़ो।।

दूर ही दूर होते जाओगे।
दरमियां कुछ तो फासला छोड़ो।।

मतलबी लोग मतलबी दुनिया।
ऐसे लोगो से वास्ता छोड़ो।।

यारियां देख ली हैं यारो की।
अब तो यारो से मश्विरा छोड़ो।।

खिड़कियां खोल दो दिमागों की।
बंद कमरे में बैठना छोड़ो।।

देखते हैं तुम्हें सभी देखो।
तुम मुझे अब तो देखना छोड़ो।

ये हैं पत्थर कभी न पिघलेंगे।
हो गई अब तो इन्तिहा छोड़ो।।

दर्द गढ़वाली का परिचय
नामः लक्ष्मी प्रसाद बडोनी
उपनामः दर्द गढ़वाली
जन्म तिथिः 23 अक्टूबर 1965
जन्म स्थानः उत्तरकाशी
मूल निवासीः भटवाड़ा, टिहरी गढ़वाल
वर्तमान पताः बडोनी भवन
देवपुरम कालोनी, लोअर तुनवाला
देहरादून, उत्तराखंड।
मोबाइलः 09455485094
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। जो पत्रकारिता के साथ ही साहित्य के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं।