कांग्रेस महाधिवेशन, राहुल और खड़गे का संबोधन आज, रैली में जुटेगे दो लाख लोग, करन माहरा का आरएसएस पर निशाना
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चल रहे कांग्रेस के 85वें महाधिवेशन का रविवार को आखिरी दिन है। सबसे पहले राहुल गांधी का संबोधन होगा। फिर दोपहर 2 बजे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का भाषण होगा। इसके बाद ये अधिवेशन समाप्त हो जाएगा। इस दौरान तीन और प्रस्तावों पर चर्चा होगी। कृषि, किसान कल्याण, युवा रोजगार, शिक्षा और सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण जैसे प्रस्ताव पर बात होगी। अपराह्न तीन बजे से रायपुर के जोरा मैदान में पब्लिक रैली होगी, जिसे राहुल, खड़गे और भूपेश बघेल संबोधित करेंगे। इस जनसभा में करीब दो लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
24 फरवरी को हुई थी अधिवेशन की शुरुआत
24 फरवरी से कांग्रेस का महाधिवेशन नवा रायपुर में शुरू हुआ था। पहले दिन स्टीयरिंग कमेटी की बैठक हुई थी। जिसमें ये तय हुआ था कि अभी कांग्रेस वर्किंग कमेटी का चुनाव नहीं होगा साथ ही CWC मेंबर को मनोनीत करने का अधिकार कांग्रेस प्रेसिडेंट को देना चाहिए। इसी दिन शाम को सब्जेक्ट कमेटी की मीटिंग हुई थी। जिसमें स्टीयरिंग कमेटी में लाए गए 6 प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इसके बाद उन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। इस बैठक में राहुल और सोनिया गांधी शामिल नहीं हो सके थे। दोपहर को ही दोनों रायपुर पहुंचे थे। वे सब्जेक्ट कमेटी की बैठक में शामिल हुए थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
25 फरवरी को सोनिया गांधी का हुआ था संबोधनअगले दिन शनिवार को सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। सबसे पहले कांग्रेसियों को खड़गे ने ही संबोधित किया था। इसके बाद सोनिया नेताओं से बातचीत की। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के साथ ही मेरी राजनीतिक पारी अब अंतिम पड़ाव पर है। पहली बार पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी संभालने से लेकर अब तक आए उतार-चढ़ाव को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि 1998 में जब मैं पहली बार अध्यक्ष बनी तब से लेकर आज तक यानी पिछले 25 सालों में बहुत कुछ अच्छा और बुरा अनुभव भी रहा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
2004 और 2009 में पार्टी का परफॉर्मेंस हो या फिर मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाने का मेरा निर्णय। यह व्यक्तिगत तौर पर मेरे लिए संतोषजनक रहा। इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं का मुझे पूरा सहयोग मिला। जिस बात से मुझे सबसे ज्यादा संतुष्टि है, वह ये कि भारत जोड़ो यात्रा के साथ अब मेरी पारी समाप्त हो सकती है। ये पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बदला पार्टी का संविधान, ये हैं प्रमुख बिंदु
अनूसूचित जाति, आदिवासी, अल्पसंख्यकों और पिछड़ों के लिए AICC डेलीगेट्स और सभी पदों पर 50 फीसदी पद आरक्षित होंगे।
50 फीसदी पदों में 50 साल से कम के लोगों की भागीदारी होगी।
1 जनवरी 2025 से कांग्रेस में अब पेपर मेंबरशिप नहीं होगी, सिर्फ डिजिटल मेंबरशिप होगी।
कांग्रेस के फार्म में थर्ड जेंडर की चर्चा होगी, अब फार्म में मां और पत्नी का नाम भी लिखा जाएगा।
ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर जहां भी कांग्रेस के चुने हुए सदस्य हैं। वे सभी डेलीगेट्स होंगे।
सदस्यतता से सशक्तिकरण की ओर अब 6 पीसीसी डेलिगेट्स मेंबर पर एक AICC मेंबर चुना जाएगा। अभी तक 8 पर चुना जाता था।
एआइसीसी मेंबर की संख्या 1240 से बढ़कर 1653 हो जाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने आरएसएस पर किया हमला
अधिवेशन में उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि आज की लड़ाई बहुत ही महत्वपूर्ण लड़ाई है और उस साजिश को तोड़ने का एक बड़ा काम करने की जरूरत कांग्रेस को है। यहां आजादी की लड़ाई से ही साजिश शुरू हुई थी। जब “अंग्रेजों भारत छोड़ो” का नारा लेकर कांग्रेस के साथी देश की आजादी को प्राप्त करने की कोशिश कर रहे थे, वहीं आरएसएस और उससे संबंधित सारे संगठन “भारत छोड़ो अभियान” का विरोध कर रहे थे। भारत की आजादी के बाद अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में भारत के उन गरीब, मजलूम और पिछड़े लोगों को जो कांग्रेस के परंपरागत वोटर्स थे, उनकी रीड़ और आर्थिकी को तोड़ने का काम आरएसएस और उनके लोगों द्वारा किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि सबसे पहला काम उन्होंने भारत के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की नौकरी समाप्त करने का काम किया। अटल बिहारी वाजपेई जी की सरकार ने कांग्रेस की वोटर्स की आर्थिकी को खराब करने का काम किया। अब ना कोई ड्राइवर बन सकता है, ना चपरासी बन सकता है। भाजपा ने गरीब के बच्चे की रोटी छीनने से लेकर उसकी नौकरी छीनने की साजिश की है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस द्वारा उस साजिश को तोड़ने का काम करना है, जो कर्मचारी वर्ग कांग्रेस के शासन में नौकरियों में आए थे उनका स्वाभाविक झुकाव कांग्रेस की तरफ था। उनकी “ओल्ड पेंशन स्कीम” को खत्म करने का काम भी अटल बिहारी की सरकार ने शुरू किया। यह दो ऐसे काम थे जिसमें भारत की आर्थिक व्यवस्था को चरमराने का काम किया, जब कर्मचारी रिटायर हो कर घर आता है, जब उन लोगों को सर्वाधिक संभालने की जरूरत होती। जब उसकी बेटी की शादी होती है, उसको मकान की जरूरत होती है। उसकी पेंशन को खत्म करने का काम भाजपा सरकार ने किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
करन माहरा ने कहा कि आज के दौर में अजीब सा माहौल देश में बना दिया गया है, एक तरफ याद आती है आदरणीय राजीव गांधी जी की अटल बिहारी वाजपेई जी के जब तबीयत खराब हुई तब राजीव गांधी जी ने उन्हें विदेश भेजने का काम किया और उसमें भी उनके सम्मान की रक्षा करते हुए उन्हें डेलिगेशन के अध्यक्ष के रूप में विदेश भेजा। दूसरी और आज के युग में जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस महाअधिवेशन होने वाला था, तब चार दिन पहले ही छत्तीसगढ़ में ईडी द्वारा छापे मार दिए जाते हैं। वहीं दूसरी ओर हमारे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता श्री पवन खेड़ा जी को जहाज से उतार लिया जाता है ऐसी लड़ाई आज देश में चल रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आप लोग और हम सबको मिलकर इस लड़ाई को मिलकर लड़ना है और पूरी ताकत से लड़ना होगा। अगर आप भला चाहते हो हिंदुस्तान का तो इस कारवां में शामिल हों। यूं तो एक बूंद अकेली समुद्र नही बनती, हजारों बूंद चाहिए समुद्र बनाने के लिए।

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



