सीएम धामी की समीक्षा बैठक में कांग्रेस विधायक को ना बुलाया जाना संकीर्ण सोच का परिणामः गरिमा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से चारधाम यात्रा मार्ग से जुड़ी विधानसभाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, लेकिन इस महत्वपूर्ण बैठक में बद्रीनाथ विधानसभा के निर्वाचित कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला को आमंत्रित नहीं किया गया। इस पर उत्तराखंड कांग्रेस की नेत्री गरिमा मेहरा दसौनी ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
गरिमा ने कहा कि हमारा स्पष्ट मानना है कि किसी भी क्षेत्र के जनप्रतिनिधि को इस प्रकार नजरअंदाज करना, उस क्षेत्र की जनता का अपमान है। सरकार यदि वास्तव में विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति जानना चाहती, तो सभी संबंधित विधायकों को समान रूप से शामिल किया जाना चाहिए था। दसौनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार केवल उन्हीं जनप्रतिनिधियों से संवाद कर रही है जो उसे अनुकूल रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जमीनी हकीकत सामने लाने वाले जनप्रतिनिधियों को जानबूझकर दूर रखा जा रहा है, यह राज्य सरकार का डर ही दिखाता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
गरिमा ने इसे सरकार की संकीर्ण सोच बताते हुए कहा कि यह न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि संघीय ढांचे और जनप्रतिनिधियों के सम्मान को भी आघात पहुंचाता है। दसौनी ने राज्य की धामी सरकार से अपेक्षा की कि भविष्य में इस प्रकार की पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली से बचा जाए और सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को समान अवसर दिया जाए। ताकि जनता के हितों की सही ढंग से पैरवी हो सके।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


