ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में शोध मूल्यों पर सम्मेलन शुरू, सिखाई जा रही है लेखन तकनीक की बारिकियां

देहरादून स्थित ग्राफिक एरा में छात्रों और शोधार्थियों को शोध के सिद्धांतों और शोध लेखन की तकनीकों की बारीकियाँ सिखाई जा रही हैं। इसके लिए शोध नैतिकता, लेखन और प्रकाशन मानकों विषय पर सम्मेलन शुरू हो गया। सम्मेलन का आयोजन यूनिवर्सिटी के मैथमेटिक्स डिपार्मेंट ने किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आज इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रो चांसलर डॉ राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि शोध की सार्थकता तभी है जब वह नैतिक मूल्यों और ईमानदारी पर आधारित हो। मौलिकता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ किया गया शोध ही समाज में भरोसा का स्तंभ बनता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डीन ऑफ रिसर्च कोलैबोरेशन डॉ. मंगे राम ने कहा कि शोध को गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी बनाने के लिए सही रिसर्च मेथडोलॉजी, मौलिकता और शोध नैतिकता का पालन करना जरूरी है। शोधकर्ताओं को सही जर्नल का चयन, प्लेजरिज्म से बचाव, इम्पैक्ट फैक्टर, इंडेक्सिंग और शोध प्रकाशन के मानकों की जानकारी होनी चाहिए। सम्मेलन में प्रो वीसी डॉ संतोष एस सर्राफ, डॉ भास्कर पंत, शिक्षक- शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



