सीएम धामी आज 55 विधानसभा चंपावत से भरेंगे नामांकन, 55 स्थानों पर होगा भव्य स्वागत
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चंपावत विधानसभा में हो रहे उपचुनाव के लिए आज अपना नामांकन पर्चा दाखिल करेंगे। इस विधानसभा का नंबर 55वां है। ऐसे में जब धामी आज सुबह बनबसा से चंपावत के लिए प्रस्थान करेंगे तो रास्ते में 55 स्थानों पर बीजेपी ने उनके स्वागत के लिए भव्य तैयारी की हुई है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चंपावत विधानसभा में हो रहे उपचुनाव के लिए आज अपना नामांकन पर्चा दाखिल करेंगे। इस विधानसभा का नंबर 55वां है। ऐसे में जब धामी आज सुबह बनबसा से चंपावत के लिए प्रस्थान करेंगे तो रास्ते में 55 स्थानों पर बीजेपी ने उनके स्वागत के लिए भव्य तैयारी की हुई है।मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि और पूर्व विधायक कैलाश गहतोड़ी के मुताबिक, सीएम धामी दोपहर डेढ़ से दो बजे की बीच किसी भी वक्त नामांकन कर सकते हैं। नामांकन के बाद मुख्यमंत्री काफिले के साथ तहसील परिसर से मोटर स्टेशन पहुंचेंगे और वहां विशाल सभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के अलावा आधा दर्जन से अधिक मंत्री और कुमाऊं के अधिकांश भाजपा विधायक मौजूद रहेंगे।
रविवार को प्रदेश अध्यक्ष के अलावा मंत्री रेखा आर्या और मंत्री सौरभ बहुगुणा चंपावत पहुंच चुके थे। भाजपा जिलाध्यक्ष दीप चंद्र पाठक ने बताया कि मंत्री चंदन राम दास, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, धन सिंह रावत, प्रेम चंद्र अग्रवाल सहित कई अन्य मंत्री नामांकन में शामिल होंगे।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में हाल ही में विधानसभा का चुनाव भाजपा ने पुष्कर सिंह धामी के चेहरे पर लड़ा था। बीजेपी को 70 में से 47 सीटों पर प्रचंड जीत मिली, लेकिन धामी स्वयं खटीमा सीट से चुनाव हार गए। इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व ने उन पर विश्वास जताया और वह दोबारा उत्तराखंड के सीएम बने। उनके लिए चंपावत के विधायक कैलाश गहतोड़ी ने अपनी सीट खाली करने के लिए विधायक से इस्तीफा दे दिया था। इस सीट पर चुनाव लड़ने के लिए पुष्कर सिंह धामी पहले से ही पूरी तैयारी से मैदान में उतरे हुए हैं। वह चंपावत में रोड शो भी कर चुके हैं। साथ ही कई घोषणाएं भी कर चुके हैं।
वहीं, कांग्रेस ने भी निर्मला गहतोड़ी को प्रत्याशी बनाया है। फिर भी प्रचार में कांग्रेस पीछे छूटती नजर आ रही है। इन दिनों कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा इन दिनों गढ़वाल मंडल के दौरे पर हैं और अपने स्वागत समारोह में व्यस्त हैं, जबकि उन्हें चंपावत में पूरी ताकत लगानी चाहिए थी। ऐसे में कांग्रेस चुनाव प्रचार में अभी काफी पीछे है।




