चार श्रम संहिताओं को लेकर उत्तराखंड में सीटू का जोरदार विरोध, प्रदर्शन का दौर शुरू, फूंकी प्रतियां
केंद्र सरकार की ओर से देश में चार श्रम संहिताएं लागू करने का विरोध सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) ने शुरू कर दिया है। विरोध स्वरूप सीटू की ओर से उत्तराखंड में जगह जगह प्रदर्शन कर इस श्रम संहिताओं की प्रतियां जलाई जा रही हैं। देहरादून में इसे लेकर प्रदर्शन किया गया। साथ ही इसके विरोध में बड़ा आंदोलन खड़ा करने के संकेत दिए गए हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
देहरादून में सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) कार्यालय में संपन्न हुई बैठक के पश्चात सीटू कार्यालय के बाहर राजपुर रोड गांधी पार्क के समीप श्रम सहिताओं की प्रतियां फूंक कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। पहले आयोजित की गई बैठक में सीटू से संबद्ध विभिन्न यूनियनो के पदाधिकारी ने हिस्सेदारी की। बैठक में वक्ताओं ने मोदी सरकार के की ओर से चार श्रम संहिताएं लागू करने का विरोध किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इससे पहले बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि चारों श्रम संहिताओं के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत मजदूरों के बीच में जाकर श्रम संहिताओं के माध्यम से उनके ऊपर जो हमले किए जा रहे हैं उसके बारे में बताया जाएगा। साथ ही श्रम सहिताओं कि जगह -जगह प्रतियाँ फूँकने का अभियान चलाया जाएगा। इस मामले को लेकर सीटू 15 दिसंबर 2025 को उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय कोलागढ़ रोड देहरादून पर प्रदर्शन करेंगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बैठक में तय किया गया कि चार श्रम सहिताओं के विरोध में सांसदों को ज्ञापन दिए जाएंगे। विरोध प्रदर्शन में आंगनवाड़ी, भोजन माता व आशा वर्कस भी अपनी मांगो पर प्रदर्शन करेंगी। बैठक में भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार बोर्ड उत्तराखंड की ओर से लंबे समय से लंबित सहायता आवेदनो को डम्प करने पर भी चर्चा की गी। तय किया गया कि निर्माण संघ के की ओर से वर्कर्स को दिए जाने वाले प्रमाण पत्रों को नहीं मानने व बोर्ड कि कार्यप्रणाली के खिलाफ भी बोर्ड मुख्यालय के खिलाफ भी प्रदर्शन किया जायेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बैठक का संचालन सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने किया अध्यक्षता सीटू के जिलाध्यक्ष एस. एस. नेगी ने किया। इस अवसर पर सीटू के जिला उपाध्यक्ष भगवंत पयाल, कृष्ण गुनियाल, सचिव अभिषेक भंडारी, जितेंद्र गुप्ता, प्रेमा, कार्यालय सचिव सुरेन्द्र सिंह बिष्ट, नरेन्द्र सिंह, हरीश कुमार, सोनू कुमार, जितेंद्र बिजलवान, लोकेश देवी, मीणा नेगी, सुनीता, कमला देवी,प्रभा संगीता बिष्ट वंदना, मोहन सिंह गुसाई, बेग सिंह राणा, पार्वती, साहिल, मनिंदर बिष्ट, दीक्षांत आदि उपस्थित थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डीएल चौक में भी प्रदर्शनआज सोमवार आठ दिसंबर की प्रातः देहरादून में डीएल रोड चौक पर मोदी सरकार की ओर से मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं कि प्रतियां फूंकी गईं। इस अवसर पर सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने कहा कि मोदी सरकार की ओर से 44 श्रम कानूनों मे से 29 प्रभाव शाली श्रम कानूनों को समाप्त कर दिया गया। इसके बदले मजदूर विरोधी व पूंजीपतियों के हितो मे ये श्रम संहिताएं बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि मजदूरों के अधिकार बड़े बलिदानो के पश्चात हुए थे। ये बलिदान 1866 में शिकागो में श्रमिकों ने दिया। तब काम के घंटे आठ घंटे करने को लेकर एक मई को शाहदत दी गईं। तब जा कर काम के घंटे 8 किये गए। किन्तु मोदी सरकार के द्वारा काम के घंटे 8 के जगह 12 घंटे किये हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि यूनियन बनाने के नियम अब कड़े किए गए हैं। इससे मजदूर यूनियन नहीं बना पाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रेच्युटी एक वर्ष मे देने के सरकार की ओर से ढिंढोरा पिटा जा रहा है। फिक्स टर्म इमलोमेंट मे मालिक एक वर्ष से सहले ही मजदूर से कांरेक्ट पर हस्ताक्षर करवाएगा। इससे कभी भी ग्रेजुएटी नहीं मिल पायेगी। इसी प्रकार से अन्य श्रम कानूनों को समाप्त कर मजदूरों को भरमानें का काम मोदी सरकार कर रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन कि प्रांतीय महामंत्री लोकेश देवी ने कहा कि इसके विरोध मे आशाएं आंदोलन करेंगी। उन्होंने बताया कि वे इस संदर्भ मे आशा आंगनवाड़ी व भोजनमाताएं टिहरी कि सांसद मला यज्य लक्ष्मी शाह को 14 दिसंबर को ज्ञापन देंगीं। इस दौरान उनसे मांग करेंगी कि वे इस संदर्भ मे संसद मे इन मजदूर विरोधी श्रम सहिंताओं को रद्द करने कि मांग करें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर अम्बेडकर युवक संघ के पूर्व अध्यक्ष बंटी कुमार सूर्यवंशी, नरेन्द्र गौतम, ऑटो यूनियन से शेखर कपिल, सुधीर कुमार, आशा वर्कर्स दुर्गा देवी, लोकेश देवी, रीता देवी आशा देवी, अनीता रंजन,कामना, गरिमा, गीता रानी, मंजू नागेश्वरी मीनाक्षी पूजा रानी, गीता, रोहित, मन्नू रमेश, संजय, दिलीप बागची, ऋषि, सुरेश हलदिया, भोजनमाता मीना नेगी के साथ ही निर्माण मजदूर उपस्तिथ थे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



