पिता ऊँगली पकड़ कर चलना उन्होंने सिखाया बुरे अच्छे में फ़र्क करना भी उन्होंने सिखाया। दुसरो की खुशिओ को तबज्जू...
नारी मंच
संस्कृति और सभ्यताओं का समागम अगर दुनिया में कहीं है तो वो हमारे देवभूमि उत्तराखंड में है। जो हमारी देश...
ये कैसी करोना की हवा चली, इक भय बिखरा है गली गली। जब चारों ओर मरण का तांडव फिर बसंत...
बेमौसम बारिश और गरीब किसान बेचैन वो नहीं उस शख्स की जिम्मेदारी है कभी बारिश के लिए तड़पता रहा तो...
क्या लिखूं इन हालातों पर.... इन बदलते ख्यालातों पर.. सोचा क्या कभी ? क्यों ये हालात इतने बदलने से लग...
मोहब्बत का सफर कई काली रातें बिताई थीं अकेले जाग कर आँखों से नींदो से ज्यादा आंसुओ ने रिश्तें बनाए,...
हे ! बद्रीश प्रभु कृपा करो हे देव-मनुजों के पति लक्ष्मीपति, बद्रीवन के विशाल श्रीबद्रीश जी , सृष्टि पालनहार पीताम्बरधरा...
हां हूं मैं मॉडर्न खयालो की पर जानती हूं मैं संस्कार भी, हां हूं मैं खुले विचारों वाली पर जानती...
हुणत्यळि मवसि हे शिब्बू की ब्वै ! हे वीं बुढड़ी....... पर कख? क्वी जवाब ना, तब सुबदार साब। जगतराम जी...
मैं आज भी जीवित हूं तो प्रभु तेरा ही रचा ये खेल है वरना कहां मैंने भरी आज तक इतनी...
