पत्नी के 72 टुकड़े कर डीप फ्रीजर में डालने का मामलाः आजीवन सजा काट रहे पति को मिली 45 दिन की जमानत
पत्नी की हत्या कर शव के 72 टुकड़ों को डीप फ्रीजर में डालने के मामले में आजीवन सजा काट रहे पति की हाईकोर्ट नैनीताल ने 45 दिन की शॉट टर्म जमानत मंजूर कर ली। ये चर्चित अनुपमा गुलाटी हत्याकांड देहरादून जिले में प्रकाश में आया था। हाई कोर्ट में आजीवन कारावास की सजा काट रहे मृतका के पति राजेश गुलाटी की जमानत प्रार्थना पत्र दिया था। अभियोजन के अनुसार राजेश गुलाटी ने 17 अक्टूबर 2010 को अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी की निर्मम हत्या करने के साथ ही शव के 72 टुकड़े कर डी फ्रिज में डाल दिए थे। 12 दिसंबर 2010 को अनुपमा का भाई दिल्ली से देहरादून आया तो हत्या (डीप फ्रीजर कांड) का खुलासा हुआ। करीब दो माह बाद हत्या का पता चला। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)अनुपमा मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली थी, जो अपने पति राजेश गुलाटी के साथ देहरादून के कैंट क्षेत्र के प्रकाश नगर में रहती थी। यहीं अनुपमा की हत्या की गई थी। 17 अक्टूबर 2010 को हत्या करने के बाद राजेश ने स्टोन कटर और आरी से शव के 72 टुकड़े किए थे। शव के टुकड़ों को उसने घर के अंदर डीप फ्रीजर में छिपाए रखा। राजेश के मुताबिक, 17 अक्टूबर 2010 को अनुपमा से झगड़ा होने के बाद उसने उसकी गला घोंट कर हत्या कर दी। इसके बाद स्टोन कटर और आरी से शव के 72 टुकड़े कर डाले। शव के टुकड़ों को उसने घर के अंदर डीप फ्रीजर में दो महीने तक छिपाए रखा। इससे पहले दोनों में घरेलू विवाद बढ़ा तो मामला कोर्ट में गया, जहां से पत्नी को 20 हजार व्यय देने की बात तय हुई। रुपयों को लेकर विवाद के बाद हत्या हुई। बाद में मामला दूसरी पत्नी का भी निकला। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वरिष्ठ न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने मामले में अगली सुनवाई 15 सितंबर की तिथि नियत की है। हत्याभियुक्त गुलाटी ने जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कह है कि उसका स्वास्थ्य ठीक नही है और उनकी सर्जरी भी होनी है। पत्र में यह भी गया है कि गुलाटी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। उसे जेल से अच्छे आचरण का सर्टिफिकेट भी मिला है।



