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July 20, 2026

मंत्रिमंडलीय उप समिति ने राज्य आंदोलनकारियों और आश्रितों को 10 फीसद क्षैतिज आरक्षण बहाली की किया निर्णय

उत्तराखंड में बहुत जल्द राज्य आंदोलनकारियों के लिए खुशखबरी आ सकती है। सरकारी नौकरियों में राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण बहाल करने का प्रस्ताव अगली कैबिनेट की बैठक में आ सकता है। सरकार इसके लिए अध्यादेश लाने जा रही है। 10 फरवरी को कैबिनेट की बैठक होनी है। इससे पहले मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

राज्य आंदोलनकारियों के सरकारी नौकरियों में क्षैतिज आरक्षण पर विचार के लिए सरकार ने वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उप समिति गठित की है। उप समिति की बैठक गुरुवार को हुई थी। इसमें पहले राज्य आंदोलनकारियों के प्रत्यावेदनों को सुना गया। सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडलीय उप समिति की ओर से आरक्षण बहाली का निर्णय लिया गया है। बताया गया है कि आगामी कैबिनेट में इसका प्रस्ताव आ सकता है। एनडी तिवारी सरकार ने वर्ष 2004 में राज्य आंदोलनकारियों को नौकरी में दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का शासनादेश जारी किया था। बैठक में मंत्री सौरभ बहुगुणा के साथ ही अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री राधा रतूड़ी, सचिव कार्मिक शैलेश बगौली शामिल रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

आंदोलनकारियों को विशेष श्रेणी मानते हुए यह शासनादेश हुआ था। इसका लाभ लोक सेवा आयोग के दायरे में आने वाली नौकरियों एवं राज्याधीन सेवाओं में दिया गया। इसी जीओ के चलते सैकड़ों आंदोलनकारियों ने इसका लाभ लिया, लेकिन त्रिवेंद्र सरकार ने हाईकोर्ट के इस शासनादेश को रद्द कर दिया था। धामी सरकार ने वर्ष 2022 में इसका विधेयक पारित करके राज्यपाल को भेजा, लेकिन राजभवन इस पर आपत्ति लगाकर लौटा दिया था।