भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद जीवन सिंह की कोरोना से मौत, अस्पताल ने शव उठाने के मांगे 12 लाख
देहरादून में भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद जीवन सिंह का निधन हो गया। वह कोरोना संक्रमित थे और निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनकी मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को शव देने से मना कर दिया और पहले इलाज के 12 लाख रुपये जमा करने को कहा।
इस पर भाजपा के दो विधायक और कई पार्षद भी राजपुर रोड स्थित अस्पताल पहुंचे, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उनकी भी नहीं सुनी। इस पर मौके पर तनाव की स्थिति भी बनी। मामा के नाम से प्रसिद्ध जीवन सिंह की करनपुर में डीएवी कालेज के समाने दुकान है। कोरोना संक्रमित होने पर उन्हें सात अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती किया गया था। परिजनों के बिल देने से इंकार करने पर अस्पताल प्रशासन भी शव नहीं देने पर अड़ गया।
इधर, शव नहीं देने की जानकारी मिलते ही विधायक खजानदास और गणेश जोशी समेत कई पार्षद और भाजपा कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचे। आक्रोशित भाजपाइयों का कहना है कि कोरोना के इलाज का 12 लाख का बिल हतप्रभ करने वाला है। यदि जल्द ही शव नही दिया गया तो वह अस्पताल में ताला ठोक देंगे। मौके पर बढ़ती भीड़ और जनाक्रोश को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन को झुकना पड़ा और शव परिजनों के सुपूर्द कर दिया। तब जाकर जीवन सिंह का अंतिम संस्कार किया गया।
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।