तीरथ और त्रिवेंद्र के बयानों पर भाजपा हाईकमान का रवैया तानाशाहीपूर्ण: धीरेंद्र प्रताप
उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने पूर्व सीएम तीरथ सिंह की ओर से 20 फीसदी कमीशन की स्वीकृति और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत के बयानों पर भाजपा के हाईकमान के रवैये को तानाशाही पूर्ण बताते हुए भाजपा को फासिस्ट पार्टी बताया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत स्वीकारते हैं कि राज्य में कमीशनखोरी खत्म नहीं हुई। वहीं, दूसरे पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत स्मार्ट सिटी के कार्यों में सवाल उठाते हैं। इसके बावजूद बीजेपी हाईकमान चुप्पी साधे बैठा है। या फिर कहें कि हाईकमान का सरकार को मूक समर्थन है। इससे ही राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)धीरेंद्र प्रताप ने कहा यद्यपि यह भाजपा का आंतरिक मामला है, परंतु भाजपा के दोनों भूतपूर्व मुख्यमंत्रियो
ने जो मौजूदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आईना दिखाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी “अपरिपक्व मुख्यमंत्री” हैं। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्रियों के बयानों का संज्ञान लेना चाहिए और अपने शासन में भ्रष्टाचार और बेलगाम नौकरशाही पर अंकुश लगाना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि भाजपा राज में जिस तरह से स्पीकर ऋतु भूषण खंडूड़ी ने अपनी विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार में पूरे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पर ही कब्जा कर लिया है, भाजपा नेतृत्व को उसका भी संज्ञान लेना चाहिए। स्पीकर दलों की सीमा से ऊपर होता है। उसको अपने पद की गरिमा का ध्यान रखते हुए नैतिकता के मापदंड स्थापित करने चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कमोबेश यही हालत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उनके मंत्रियों धन सिंह रावत व अन्य मंत्रियों की है। सबके कोई ना कोई बचकाने कार्यक्रम जनता में चर्चा का विषय बने हुए हैं। उन्होंने कहा अब तो राजभवन भी अछूता नहीं रह गया है। राज्य आंदोलनकारियों के आरक्षण के सवाल इसका ताजा उदाहरण है। ऐसे में पूर्व राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान भी इस मुद्दे पर राजभवन पर सवाल उठा रहे हैं।



