Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

March 26, 2026

रुद्रप्रयाग पहुंचे पशुपालन मंत्री, सोनप्रयाग से लेकर गौरीकुंड तक किया निरीक्षण, घोड़े खच्चरों पर ध्यान देने के निर्देश

केदारनाथ यात्रा के दौरान घोड़े और खच्चरों की मौतों का सांसद मेनका गांधी की ओर से संज्ञान लेने के बाद अब उत्तराखंड के पशुपालन मंत्री ने भी इसे लेकर गंभीरता दिखाई है।

केदारनाथ यात्रा के दौरान घोड़े और खच्चरों की मौतों का सांसद मेनका गांधी की ओर से संज्ञान लेने के बाद अब उत्तराखंड के पशुपालन मंत्री ने भी इसे लेकर गंभीरता दिखाई है। राज्य के पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य पालन, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, प्रोटोकॉल, कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगणा आज रुद्रप्रयाग जिले के एक दिवसीय भ्रमण पर पहुंचे। उन्होंने केदारनाथ यात्रा मार्ग सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े खच्चरों के संबंध में संबंधित अधिकारियों एवं घोडे़ खच्चर संचालको को घोड़े खच्चरों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिये।
उन्होनें यात्रा मार्ग में घोड़े खच्चरों के पानी, रखरखाव की उचित व्यवस्था करने एवं जानवरों के साथ क्रूरता न करने के निर्देश घोड़े खच्चर संचालकों एवं हॉकरों को दिए। सौरव बहुगुणा ने यात्रा मार्ग पर संचालित घोड़ा खच्चरों में से पचास फीसदी का संचालन ही एक दिन में करने के निर्देश दिए। उन्होंने हराहाल में घोड़े खच्चरों को एक दिन का आराम देने के निर्देश दिए। किसी भी दशा में घोड़े खच्चरों से डबल चक्कर न लगाने को कहा। इसके लिये उन्होने पुलिस एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि यदि किसी की ओर से ऐसा किया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाय।

उन्होनें घोड़ा पड़ाव में घोडे खच्चरों के रहने के लिए शेड तैयार करने के लिए उपजिलाधिकारी ऊखीमठ को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही चिकित्सकों के लिए सोनप्रयाग एंव गौरीकुंड में आवास व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने घोड़े खच्चर यूनियन के अध्यक्ष से वार्ता करते हुए यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े खच्चरों का ध्यान रखने को कहा।
उन्होनें यह भी कहा कि यदि किसी मालिक एवं हॉकर की ओर से घोड़े खच्चर की देख-भाल ठीक ढंग से नही की जाती है, तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी जाए। इसके लिये उन्होंने सभी के सहयोग की अपेक्षा की। उन्होनें यह भी निर्देश दिये हैं कि यदि किसी घोड़े खच्चर की मृत्यु हो जाती है तो सुलभ तरीके से उसको दफनाने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, सचिव पशुपालन, सहकारिता, डेयरी डॉ. बीबीआरसी पुरुषोतम, अपर पुलिस अधीक्षक स्वप्न किशोर सिंह, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ जितेन्द्र वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, पुलिस उपाधीक्षक सोनप्रयाग योगेन्द्र गुसांई, गुप्तकाशी विमल रावत, घोड़े खच्चर यूनियन के पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Bhanu Bangwal

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *