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October 22, 2026

योग के साथ ही दी जा रही है फसल और खेती की भी जानकारी, हर सुबह वर्चुअली होता है कार्यक्रम

पतंजलि आर्गेनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट (PORI) हरिद्वार के तत्वावधान में योगाहार कार्यक्रम के तहत लोगों को योग सीखाने के साथ ही खेती और फसल की जानकारी दी जा रही है।

पतंजलि आर्गेनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट (PORI) हरिद्वार के तत्वावधान में योगाहार कार्यक्रम के तहत लोगों को योग सीखाने के साथ ही खेती और फसल की जानकारी दी जा रही है। इस वर्चुअली कार्यक्रम से लोग जुड़ रहे हैं और इसका लाभ उठा रहे हैं। कार्यक्रम हर सुबह पौने छह बजे से लेकर सवा आठ बजे तक आयोजित किया जा रहा है।
आज इस कार्यक्रम के तहत योगशिक्षिका राधा हेमराज सिसोदिया ने योग कराया। वह शाहजहांपुर मध्यप्रदेश से हैं। इसके बाद पुणे महाराष्ट्र से वैदिक कृषि विशेषज्ञ सुजीत चक्रबर्ती ने जैविक-वैदिक बीजों को लेकर कई जानकारी दी। उन्होंने सब्जी एवं दूसरी फसलों के बीजोत्पादन में ध्यान देने वाली आवश्यक बातों पर चर्चा की। कहा कि अच्छे बीज उत्पादन के लिए आनुवंशिक शुद्धता बनाये रखना जरूरी होता है। यह शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक ही फसल प्रजातियों के बीच दूरी रखना आवश्यक हो जाता है। ताकि उनमें संदूषण ना हो सके।
उन्होंने कहा कि उप-प्रजातियों में फूल अलग-अलग समय पर आते हों तो उनमें संदूषण की समस्या नहीं रहती। उन्होंने बीजों की संरचना, फूलों से बीज बनने की प्रक्रिया के साथ ही भ्रूण, पौध, पत्तियां, जड़ और बीजों पर ग्रहों और राशियों के प्रभाव की व्याख्या वेद विज्ञान के तथ्यों सहित की। 2 जून को वे बीजों के गुणात्मक कारकों पर बात करेंगे। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से उपस्थित किसानों ने भी उनसे संवाद स्थापित किया।

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