विशेष विधानसभा सत्र में कांग्रेस के तेवर गर्म, कार्य मंत्रणा समिति से कांग्रेस के विधायकों का इस्तीफा, राजभवन में दस्तक
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए प्रदेश सरकार की और से पांच फरवरी से शुरू किए गए विधानसभा के विशेष सत्र में कांग्रेस ने सरकार को घेरा। कांग्रेस के तेवर गर्म नजर आए। यही नहीं, कार्य मंत्रणा समिति से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और विधायक प्रीतम सिंह ने अपना इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस ने सत्र में संवैधानिक मूल्यों की उपेक्षा का आरोप लगाया। साथ ही इस मुद्दे को लेकर सोमवार की रात को राजभवन में दस्तक भी दी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश होने से पहले बवाल हो गया। कांग्रेस ने कार्यमंत्रणा में विपक्ष की बात को सुनने और सदन संचालन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष यशपाल ने कहा कि विपक्ष की ओर से यूसीसी पर चर्चा के लिए समय देने की मांग की गई, लेकिन सरकार ने सुनने को तैयार नहीं है। संख्या बल के आधार पर हठधर्मिता से सदन को चलाने का प्रयास कर रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और विधायक प्रीतम सिंह ने प्रदेश सरकार से सदन को कार्य संचालन नियमावली के अनुसार चलाने की मांग रखी। विपक्ष का कहना है कि प्रदेश सरकार यूसीसी विधेयक को सदन में पेश करना चाहती है तो इसे भोजनावकाश के बाद पटल पर रखा जाए। साथ ही प्रश्न काल और कार्यस्थगन प्रस्ताव में जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए उठा सके। कार्यमंत्रणा में विपक्ष की बात को अनसुना करने पर नेता प्रतिपक्ष आर्य और विधायक प्रीतम सिंह बैठक छोड़ दी। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष को कार्यमंत्रणा समिति से इस्तीफा भेज दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्य मन्त्रणा समिति से नेता विपक्ष आर्य व विधायक प्रीतम सिंह के इस्तीफे के बाद समूचा कांग्रेस विधानमंडल दल राजभवन पहुंच गया। नेता विपक्ष यशपाल आर्य व विधायक प्रीतम सिंह ने सरकार पर संवैधानिक मूल्यों की लगातार उपेक्षा किये जाने, सत्रावसान किये बिना ही विशेष सत्र के नाम पर प्रश्नकाल, अविलम्बनीय लोक महत्व की सूचनाओं को स्थगित किये जाने के अवैधानिक कृत्यों के विरोध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। आज मंगलवार छह फरवरी को यूसीसी ड्राफ्ट सदन के पटल पर रखा जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि यूसीसी के नाम पर प्रदेश सरकार को सत्र को विशेष सत्र का रूप दे रही है। जो नियमों के विरुद्ध है। जबकि विधानसभा सचिवालय की ओर से विधायकों को जो सूचना दी गई है कि उसमें साफ है कि पांच सितंबर 2023 को आहुत सत्र को आगे बढ़ाया गया है। साथ ही 25 जनवरी 2024 को विधानसभा ने विधायकों ने नियम 58, 299 और 300 के तहत लोक महत्व से संबंधित सूचनाएं मांगी गई, लेकिन प्रश्न काल और कार्य स्थगन को सदन में न लाना नियमों के विरुद्ध है। प्रदेश सरकार विपक्ष को सुनने के लिए तैयार नहीं है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन के माध्यम से निवेदन किया कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए सरकार को निर्देशित करने की कृपा करेंगे। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, चकराता विधायक प्रीतम सिंह, विधायक राजेन्द्र भंडारी, हरीश धामी, ममता राकेश , फुरकान अहमद, तिलक राज़ बेहड़ , मदन सिंह बिष्ट , मनोज तिवारी , विक्रम सिंह नेगी , आदेश सिंह चौहान जी, गोपाल सिंह राणा, खुशहाल सिंह अधिकारी व वीरेंद्र जाती आदि शामिल रहे।
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