Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

August 20, 2026

ग्राफिक एरा अस्पताल में वर्कशॉपः जन्म के पहले मिनट से प्रभावित होता है पूरा जीवन

देहरादून स्थित ग्राफिक एरा अस्पताल में शिशु के जन्म के पहले 60 सेकेंड में बरती जाने वाली सावधानियों पर वर्कशॉप करके डॉक्टरों और नर्सों को इसके गुर सिखाये गये। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स और नेशनल न्यूनैटॉलॉजी फोरम के तत्वावधान में चकराता रोड स्थित ग्राफिक एरा अस्पताल में इस वर्कशॉप का आयोजन किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

फर्स्ट गोल्डन मिनट प्रोजेक्ट के तहत आयोजित इस वर्कशॉप के कोर्स कॉर्डिनेटर व ट्रेनर के रूप में ग्राफिक एरा अस्पताल के नवजात शिशु व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ शांतुन शुभम ने कहा कि किसी भी शिशु के जन्म के बाद के पहले 60 सेकेंड उसकी पूरी जिंदगी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। यही वे क्षण होते हैं, जब शिशु अपनी मां पर निर्भरता छोड़कर अपने फेफड़ों का इस्तेमाल शुरू करता है। इस एक मिनट में उसकी जिंदगी में कई तरह के बदलाव आते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

डॉ शांतुन शुभम ने बताया कि नवजात शिशु के जन्म के बाद के इस पहले मिनट में डॉक्टर और नर्स जो प्रयास करते हैं, उनका प्रभाव शिशु के मस्तिष्क और ह्रदय के साथ पूरे जीवन पर पड़ता है। इसीलिए इसे फर्स्ट गोल्डन मिनट कहा जाता है। डॉ शुभम ने इस पहले मिनट में किए जाने वाले कार्यों के बारे में प्रयोगात्मक जानकारी विस्तार से दी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कार्यशाला में दून मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉ विशाल कौशिक ने भी प्रतिभागियों को नियोनेटल रिससिटेशन की ट्रेनिंग दी। उन्होंने कहा कि जन्म के बाद के पहले घंटे में शिशु को मां का दूध पिलाना बहुत महत्वपूर्ण होता है। वर्कशॉप के बाद 21 प्रतिभागियों को एन.आर.पी. सर्टिफाइड होने के प्रमाण पत्र दिये गये।