Recent Posts

Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Recent Posts

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 18, 2026

कोरोना के साइड इफेक्ट को लेकर नई रिसर्च, चार महीने से ज्यादा रह सकती है थकान, सिर दर्द के भी लक्षण

देश और दुनिया में कोरोना बीमारी के फैलने के ढाई साल हो गए हैं। समय समय पर इसके वायरस में बदलाव होते रहे और बीमारी के लक्षण में भी। कोरोना ने पूरी दुनिया में जो तबाही मचाई, उसे याद कर हर कोई सिहर जाएगा। अभी भी लोगों के लिए ये बीमारी चिंता का सबब बन हुई है। राहत की बात ये है कि इस बीमारी के मौत के आंकड़ों में गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके बावजूद कोरोना से उबरने के चार महीनों से अधिक समय बाद लोगों में थकान और सिर में दर्द के लक्षण देखे गए हैं। इस बारे में एक अध्ययन में जानकारी दी गयी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ब्रेन, बिहेवियर एंड इम्युनिटी-हेल्थ में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि संक्रमण से ठीक होने के बाद लंबे समय तक हड्डियों में दर्द, खांसी, सूंघने की क्षमता और स्वाद में बदलाव, बुखार, ठंड लगना और नाक बंद होना जैसे लक्षणों को प्रमुखता से देखा गया। इस अध्ययन में कहा गया कि इससे इस बात की तस्दीक होती है कि कोरोना संक्रमण के बाद तंत्रिका मनोविज्ञान से जुड़े क्रमिक लक्षण देखे गए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

जॉर्जिया में अगस्ता विश्वविद्यालय में तंत्रिका विज्ञानी एलिजाबेथ रुतकोव्स्की ने कहा कि इसके बहुत ऐसे लक्षण भी हैं जो हमें महमारी की शुरुआत में नहीं पता थे, लेकिन अब यह साफ है कि कोविड लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है और बहुत सारे लोगों पर इसका असर पड़ा है। आपको बता दें कि यह अध्ययन 200 मरीजों पर किया गया था। इसमें भाग लेने वाले आठ प्रतिशत मरीजों ने तंत्रिका मनोचिकित्सा संबंधी लक्षण दिखने की बात कही। इसमें से सबसे आम लक्षण थकान महसूस होना था। जो करीब 68.5 प्रतिशत मरीजों में देखा गई, जबकि 66.5 प्रतिशत मरीज सिर में दर्द से परेशान रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

रिसर्चर्स ने बताया कि करीब आधे लोगों ने सूंघने की क्षमता (54.4 फीसदी) और स्वाद (54 फीसदी) में बदलावों की जानकारी दी। वहीं करीब आधे यानी (47 फीसदी) मरीजों ने संज्ञानात्मक क्षमता में हल्की कमी आने की शिकायत की। कोरोना संक्रमण के साथ अपने अनुभव के अलावा, 21 फीसदी व्यक्तियों ने भी डिसऑरिएंटेशन की जानकारी दी और हाय ब्लड प्रेशर सबसे ज्यादा देखा गया।