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April 30, 2026

एम्स के चिकित्सक डॉ. जितेंद्र गैरोला की पुस्तक का विमोचन, दो दिवसीय कार्यशाला का समापन

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश में आयोजित कार्यक्रम में सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग के चिकित्सक डॉ. जितेंद्र गैरोला की पुस्तक राष्ट्रीय एकीकरण एवं वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता का विमोचन किया गया।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश में आयोजित कार्यक्रम में सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग के चिकित्सक डॉ. जितेंद्र गैरोला की पुस्तक राष्ट्रीय एकीकरण एवं वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता का विमोचन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य अशोक बेरी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की आत्मा उसकी संस्कृति होती है। इतिहास गवाह है कि बिना संस्कृति के विकास विकलांग होता है। लिहाजा यदि राष्ट्र का एकीकरण करना है व उसे अखंड बनाना है तो इसके लिए संस्कृति की रक्षा नितांत आवश्यक है।
अशोक बेरी ने कहा कि विश्व में जो संस्कृति सिमटी उसी राष्ट्र का पतन हुआ। उन्होंने कहा कि संस्कृति से व्यक्ति का रहन- सहन, आचार- विचार, सोचने का नजरिया सभी तय होता है। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हम श्रीराम, श्रीकृष्ण, शिवाजी, महाराणा प्रताप की विरासत का प्रतिनिधित्व करते हैं। समारोह में सूबे के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि डा. जितेंद्र गैरोला जैसे युवा चिकित्सक समाज में अपनी सेवाओं के साथ राष्ट्र व संस्कृति का चिंतन कर रहे हैं, यह हर्ष का विषय है। उन्होंने पुस्तक के लेखन के लिए डा. गैरोला को प्रोत्साहित किया और उम्मीद जताई ​कि उनकी पुस्तक लोक कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

ऋषिकेश मेयर श्रीमती अनीता ममगाईं ने कहा कि यह एक अच्छी पहल है, इसमें अन्य युवाओं को भी आगे आना चाहिए। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल ने राष्ट्रीय एकीकरण व आत्मनिर्भरता का आह्वान किया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुकुल के छात्रों द्वारा स्वस्तिवाचन से हुआ। इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र गैरोला ने स्लाइड शो के माध्यम से पुस्तक से संबंधित विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के संयोजक और आईएएमबीएसएस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर अक्षत उनियाल ने “विज्ञान में एकीकरण और उसका महत्व” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। इस दौरान डॉ. उनियाल ने आईएएमबीएसएस की ओर से आगामी सितंबर माह में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन “वन हैल्थ” के बारे में भी विस्तृत जानकारी साझा की।
विनयदीप पैन्यूली के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड भाजपा के संगठन मंत्री अजय कुमार, आरएसएस के प्रांत प्रचारक युद्धवीर सिंह, प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल, अजय सिंह नेगी, प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह, प्रो. इंदु तिवारी, रूपेश गुप्ता, वीरेंद्र बिष्ट, माधवी गुप्ता,स्वाति, मुस्कान, निधि आर्य, अंजलि पंत, वेद प्रकाश, अंकिता पांडेय, नवीन शर्मा, जितेंद्र फौजी आदि मौजूद थे।

दो दिवसीय कार्यशाला का समापन
एम्स ऋषिकेश में हाई ए​ल्टिट्यूड ट्रॉमा इमरजेंसी ट्रेनिंग फॉर मेडिकल पर्सनल डेपलायड एट वैरियस मेडिकल फैसिलिटीज ऑन चारधाम यात्रा रूट विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला शनिवार को विधिवत सम्पन्न हो गई। इस वर्कशाप को डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल हेल्थ एंड फेमिली वेलफेयर, उतराखंड द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की गई। कार्यशाला के दूसरे दिन की शुरुआत कर्नल शैलजा कार्की के व्याख्यान एयर इवैक्यूएसन एट हाई एल्टिट्यूड से हुई। उन्होंने बताया कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर फंसे मरीजों को हेलीकाप्टर की सहायता से किस तरह से हायर सेंटर भेजा जा सकता है। इसके पश्चात डा. एसपी सिंह ने ऑक्सीजन डेलिवरिंग सिस्टम पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रतिभागियों को ऊंचाई पर स्थित मरीजों को ऑक्सीजन देने की सही प्र​क्रिया का प्रशिक्षण दिया।
इस दौरान यूएसए की ब्रिंगम यंग यूनिवर्सिटी के क्रेग नटटल की ओर से हाइपोथर्मिया पर विवरण प्रस्तुत किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड के कारण होने वाली बीमारियों के बारे में बताया। कार्यशाला की चेयरपर्सन एवं एम्स के फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर लतिका मोहन ने कोल्ड इंजरी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होने वाले कोरोनरी आर्टरी डिजीज व सीओपीडी पर चर्चा की। उन्होंने प्रतिभागियों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हार्ट और सांस से संबंधित मरीजों को दिए जाने वाले उपचार के संबंध में जानकारी दी।
डा. नीती गुप्ता ने ऊंचाई वाले क्षेत्र में होने वाले नेत्र रोगों पर व्याख्यान दिया। ईएनटी विभाग के डा. मनु मल्होत्रा ने ऊंचाई के कारण होने वाले आंख, नाक व गले के रोगों पर व्याख्यान दिया। कार्यशाला के समापन में कार्यशाला की आर्गेनाइजिंग सेकेट्री डा. जयन्ती पंत ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर कार्यशाला में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।

Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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