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October 17, 2026

पांच राज्यों के बाद अब गुजरात और हिमाचल की बारी, प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी से की मुलाकात

पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में चार में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद अब बीजेपी गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावों की तैयारी में जुट गई है। इस साल के अंत में होने वाले चुनावों में बीजेपी का ज्यादा जोर गुजरात राज्य पर है।

पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में चार में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद अब बीजेपी गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावों की तैयारी में जुट गई है। इस साल के अंत में होने वाले चुनावों में बीजेपी का ज्यादा जोर गुजरात राज्य पर है। वहीं, फिलहाल कांग्रेस अभी पाचों राज्यों में हुई भा्री हार के सदमे में ही नजर आ रही है। इस बीच सूचना है कि चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर इस साल के अंत में आगामी गुजरात विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी के अभियान पर काम करने के लिए राहुल गांधी के पास पहुंचे। पिछले साल सितंबर में कांग्रेस नेतृत्व और प्रशांत किशोर के बीच बातचीत के बाद दोनों के रास्ते अलग हो गए थे। इसके बाद कांग्रेस ने अपने चुनाव अभियानों को संभालने के लिए किशोर के एक पूर्व सहयोगी के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था, जबकि प्रशांत किशोर ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के लिए रणनीति तैयार करने लगे थे।
सूत्रों के मुताबिक, किशोर ने केवल गुजरात चुनावों पर काम करने के लिए वन टाइम की पेशकश की है। कांग्रेस ने अभी तक उनके प्रस्ताव पर कोई फैसला नहीं लिया है, जो मंगलवार को गुजरात कांग्रेस नेताओं के साथ राहुल गांधी की बैठक के दौरान भी सामने आया था। गुजरात कांग्रेस के कुछ नेता कथित तौर पर किशोर को अभियान के लिए शामिल करने के लिए उत्सुक हैं। हालांकि अंतिम फैसला राहुल गांधी को करना है। वहीं किशोर के करीबी लोगों ने इसका खंडन किया है।
कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी स्वीकार किया था कि किशोर के पिछले साल कांग्रेस में शामिल होने की वास्तविक संभावना थी, लेकिन यह साझेदारी कई कारणों से खत्म हो गई। बता दें कि प्रशांत किशोर ने पिछले साल तीनों गांधी सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ कई दौर की चर्चा की थी। वहीं रणनीतिकार की राहुल गांधी के घर जाने की तस्वीरों ने भी अटकलों को हवा दी थी। कहा गया था कि कांग्रेस में उनकी एंट्री लगभग हो ही गई थी।
वहीं दोनों के बीच बातचीत खत्म होने की खबरें प्रशांत किशोर द्वारा लगातार किए गए तीखे हमलों के बाद सामने आई थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि कांग्रेस का नेतृत्व करने के लिए किसी भी व्यक्ति का दैवीय अधिकार नहीं था। खासकर जब पार्टी पिछले 10 वर्षों में 90 प्रतिशत से अधिक वोटों से हार गई हो। किशोर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका मानना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले विपक्ष में कांग्रेस की भूमिका है, लेकिन मौजूदा नेतृत्व में नहीं।

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।