Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 10, 2026

ललित मोहन गहतोड़ी की गीतमयी रचना-मत करि लियो

वर्तमान में अधिकांश नेता राजनीति में अपना अपना स्वार्थ सिद्ध करते नजर आते हैं। प्रत्येक पांच वर्ष में एक बार चुनावी जिद्दोजहद महज चुनाव जीतने और कुर्सी पाने तक सीमित होकर रह गई है।

मत करि लियो

मत करि लियो, मत करि लियो
जनता नेता भरोसो मत करि लियो

कर लियो आपन जुगाड़
जनता नेता भरोसो मत करि लियो

उजले वस्त्र काला चश्मा
मीठी सी लगन लगाय
जनता नेता भरोसो मत करि लियो

साम दाम और दंड के ज्ञाता
अपने सब भेद छुपाया
जनता नेता भरोसो मत करि लियो

ख्वाब दिखावै रंगे महल के,
खाली समय गंवाय
जनता नेता भरोसो मत करि लियो

चुनाव जीतना मकसद इनका
फिर जनता जावे भाड़
जनता नेता भरोसो मत करि लियो

जनता का भी हक मार जावैं
खुद अपने घूमे कार
जनता नेता भरोसो मत करि लियो

पांच वर्ष में रंक से राजा
बोले जनता मूरख गंवार
जनता नेता भरोसो मत करि लियो

विशेष : वर्तमान में अधिकांश नेता राजनीति में अपना अपना स्वार्थ सिद्ध करते नजर आते हैं। प्रत्येक पांच वर्ष में एक बार चुनावी जिद्दोजहद महज चुनाव जीतने और कुर्सी पाने तक सीमित होकर रह गई है।
कवि का परिचय
नाम-ललित मोहन गहतोड़ी
शिक्षा :
हाईस्कूल, 1993
इंटरमीडिएट, 1996
स्नातक, 1999
डिप्लोमा इन स्टेनोग्राफी, 2000
निवासी-जगदंबा कालोनी, चांदमारी लोहाघाट
जिला चंपावत, उत्तराखंड।