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March 3, 2026

अब भारत की कोवैक्सीन को अमेरिका में 18 साल से कम उम्र के बच्चों को लगाने की तैयारी, मांगी इजाजत

अभी तक भारत में निर्मित भारत वायोटेक की जिस कोवैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन से मंजूरी के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे थे, अब उसकी मांग अमेरिका में भी होने लगी है।

अभी तक भारत में निर्मित भारत वायोटेक की जिस कोवैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन से मंजूरी के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे थे, अब उसकी मांग अमेरिका में भी होने लगी है। अमेरिकी फार्मा कंपनी ओक्यूजेन ने घोषणा की कि उसने 2 से 18 साल की उम्र के बच्चों के लिए भारत निर्मित कोविड -19 वैक्सीन कोवैक्सिन के आपातकालीन उपयोग के लिए अमेरिकी प्राधिकरण के अधिकारियों से अनुमति मांगी है। ये वैक्सीन भारत बायोटेक ने विकसित की है।
ऐसा हो सकता है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग Ocugen का डेटा, जो अमेरिका से बाहर बच्चों के एक छोटे से समूह पर किए गए क्लिनिकल ट्रायल से एकत्र किया गया, को इस अनुरोध को स्वीकार करने के लिए पर्याप्त न माने। Ocugen की साझेदार भारत बायोटेक द्वारा Covaxin को भारत में विकसित किया गया है। इस वैक्सीन को बुधवार को ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से आपातकालीन स्वीकृति मिली है। विश्व के 17 देशों में पहले ही इसे उपयोग की मंजूरी मिल चुकी है। संयुक्त राज्य अमेरिका से बाहर के वयस्कों को, विशेष रूप से भारत में, इस वैक्सीन की लाखों खुराकें दी जा चुकी हैं।
इस वैक्सीनेशन में निष्क्रिय वायरस तकनीक का उपयोग किया गया है, जो पोलियो शॉट्स समेत बचपन के अन्य टीकों में आम है। अमेरिकी कंपनी का अप्रूवल रिक्वेस्ट 2 से 18 वर्ष के बीच के 526 बच्चों पर किए गए अध्ययन के परिणामों पर आधारित है, जिन्होंने 28 दिनों के अंतराल में कोवैक्सिन की दो खुराक प्राप्त की हैं। कंपनी ने कहा कि निष्कर्षों की तुलना भारत में 25800 वयस्कों के समूह से की गई, जिसने सुझाव दिया कि 2-18 वर्ष की आयु के बच्चों और 18 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों में समान सुरक्षा प्रदर्शित होती है।

Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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