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July 19, 2026

आदमखोर गुलदार पिंजरे में हुआ कैद, 22 जून को मार डाला था युवक को, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

उत्तराखंड में पौड़ी गढ़वाल के बीरौंखाल ब्लॉक क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह के आतंक मचा रहा गुलदार आखिरकार पिंजरे में कैद हो गया। गनीमत यह रही कि गुलदार को फंसाने के लिए पिंजरे में रखी गई बकरी सुरक्षित है।

उत्तराखंड में पौड़ी गढ़वाल के बीरौंखाल ब्लॉक क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह के आतंक मचा रहा गुलदार आखिरकार पिंजरे में कैद हो गया। गनीमत यह रही कि गुलदार को फंसाने के लिए पिंजरे में रखी गई बकरी सुरक्षित है। ग्रामीणों ने गुलदार के पिंजरे में कैद होने की सूचना वन विभाग को दे दी है। फिलहाल माना जा रहा है कि यदि ये वही नरभक्षी है तो लोगों को आतंक से निजात मिल गई है।
ये गुलदार एक युवक को निवाला बना चुका है। साथ ही एक गाय को भी मार चुका है। रविवार को भी इसने एक बकरी पर हमला किया था। गौरतलब है कि बीरौंखाल ब्लॉक के बमराड़ी ग्राम सभा के अंतर्गत ग्राम भैंसोड़ा सावली निवासी 38 वर्षीय युवक दिनेश चंद्र पुत्र रामलाल गांव के निकट जंगल में गुलदार ने मंगलवार 22 जून की सुबह मार डाला था। इस युवक की हत्या के अगले दिन ही 23 जून की सुबह इसी गांव से कुछ दूर ग्राम सभा सीला तल्ला के दिवोली गांव मे गुलदार ने एक गाय को निवाला बना दिया था। इस पर वन विभाग ने 24 जून को भैंसोड़ा सावली गांव में उस स्थान पर पिंजरा लगा दिया, जहां युवक को गुलदार ने मारा था।
इसी गांव में जहां पिंजरा लगा था, वह एरिया समीप के गांव मागरौ है की सीमा पर है। पिंजरे से कुछ नीचे की तरफ मागरौ गांव निवासी मुन्ना बकरी चरा कर घर की तरफ लौट रहे थे। तभी घात लगाए बैठे गुलदार ने एक बकरी को दबोच लिया। इस पर मुन्ना हाथ में लिए डंडे के बल पर ही गुलदार से भिड़ गए। इस युद्ध में गुलदार को बकरी को छोड़कर जंगल की ओर भागना पड़ था।
इस घटना के बाद गुलदार के पिंजरे की जगह बदली गई। पिंजरा उस स्थान पर लगाया गया जहां उसने बकरी पर हमला किया था। साथ ही गुलदार को फांसने के लिए पिंजरे में बकरी को भी रखा गया। ग्रामीण नरेश चंद्र ढौंडियाल के मुताबिक रात को उन्होंने बकरी के चिल्लाने की आवाज सुनी। इस पर उन्हें इसका अहसास हो गया कि गुलदार पिंजरे के आसपास है।
आज यानी सोमवार 28 जून की सुबह वह मुन्ना के साथ पिंजरे वाले स्थान पर पहुंचे। जहां गुलदार पिंजरे में कैद मिला। साथ ही बकरी सुरक्षित नजर आई। उन्होंने बताया कि गुलदार के दांत भी टूटे प्रतीत हो रहे हैं। फिलहाल वन विभाग को सूचित कर दिया गया है। साथ ही ग्रामीण राहत महसूस कर रहे हैं।