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September 17, 2026

अंकिता भंडारी की चौथी बरसी पर होगी श्रद्धांजलि सभा, दोहराई जाएगी न्याय की मांग

अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच की ओर से अंकिता भंडारी की चौथी बरसी पर न्याय, वीआईपी कनेक्शन की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कठोर सजा की मांग को लेकर 18 सितंबर 2026 को गांधी पार्क देहरादून में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। ये सभा सुबह 11 बजे से होगी। इसकी जानकारी देहरादून स्थिति उत्तरांचल प्रेस क्लब में मंच की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में दी गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रेस वार्ता में विभिन्न सामाजिक, महिला, पूर्व सैनिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। वक्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को वर्षों बीत जाने के बावजूद परिवार और प्रदेश की जनता के मन में अनेक गंभीर सवाल आज भी अनुत्तरित हैं। अंकिता भंडारी उत्तराखंड की बेटी थी, जो अपने सपनों के साथ आगे बढ़ रही थी। उसके साथ हुई जघन्य घटना ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया था। घटना के बाद प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन हुआ और लगातार यह मांग उठती रही कि मामले की निष्पक्ष एवं प्रभावी जांच हो तथा दोषियों को कानून के अनुसार कठोरतम सजा मिले। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रेस वार्ता में कहा गया कि अंकिता हत्याकांड से जुड़े वीआईपी एंगल और उस समय सामने आए गंभीर सवालों की पूरी सच्चाई जनता के सामने आना आवश्यक है। यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका, संरक्षण अथवा घटना से संबंधित कोई तथ्य जांच के दायरे में आता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति को केवल प्रभावशाली होने के कारण जांच से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए। यह भी सवाल उठाया गया कि अंकिता हत्याकांड से जुड़े जिन महत्वपूर्ण पहलुओं पर आंदोलन के दौरान सवाल उठे थे, उनका निष्पक्षता से परीक्षण हुआ या नहीं। घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों, संबंधित लोगों की भूमिका, उपलब्ध साक्ष्यों तथा अन्य महत्वपूर्ण कड़ियों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

न्याय की मांग को कमजोर करने का प्रयास स्वीकार नहीं
प्रेस वार्ता में कहा गया कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए चल रहे संघर्ष को किसी राजनीतिक दल, संगठन अथवा व्यक्ति विशेष के खिलाफ अभियान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह संघर्ष उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने और व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने का संघर्ष है। वक्ताओं ने कहा कि न्याय की मांग उठाने वालों को डराने, दबाने अथवा उनके सवालों को नजरअंदाज करने के बजाय सरकार को उन सवालों का जवाब देना चाहिए जो वर्षों से जनता के सामने हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रेस वार्ता में घोषणा की गई कि अंकिता न्याय यात्रा का संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक अंकिता भंडारी के परिवार को पूर्ण न्याय नहीं मिलता और मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण सवालों का संतोषजनक उत्तर जनता के सामने नहीं रखा जाता। अंकिता केवल एक परिवार की बेटी नहीं थी, वह पूरे उत्तराखंड की बेटी थी। उसके न्याय की लड़ाई उत्तराखंड की प्रत्येक बेटी की सुरक्षा, सम्मान और अधिकार की लड़ाई है। प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि आने वाले समय में अंकिता न्याय यात्रा के तहत विभिन्न कार्यक्रमों और जनजागरण अभियानों को आगे बढ़ाया जाएगा तथा प्रदेश के सामाजिक संगठनों और नागरिकों से इस संघर्ष में जुड़ने का आह्वान किया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी भी दी गई कि 18 सितंबर 2026 को प्रातः 11 बजे गांधी पार्क, देहरादून में अंकिता भंडारी की चौथी बरसी पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। इसमें लगभग 50 सामाजिक संगठनों तथा भाजपा को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों की भागीदारी होगी। इस अवसर पर मानव श्रृंखला भी बनाई जाएगी और सभी सहभागी यह संकल्प लेंगे कि अंकिता को पूर्ण न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। महिला मंच की संयोजक कमला पंत ने कहा कि अंकिता को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा और यह संघर्ष केवल अंकिता के लिए नहीं, बल्कि उत्तराखंड की हर बेटी के सम्मान और सुरक्षा के लिए जारी रहेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्य मांगें
-अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की निष्पक्ष और प्रभावी जांच सुनिश्चित की जाए।
– हत्याकांड से जुड़े VIP एंगल तथा उस संबंध में उठे सवालों की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए।
– मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों, दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को सुरक्षित रखते हुए उनकी निष्पक्ष जांच की जाए।
– अंकिता के परिवार को न्याय मिलने तक मामले की पैरवी और जांच को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए।
– दोष सिद्ध होने पर सभी दोषियों को कानून के अनुसार कठोरतम सजा दिलाई जाए।
– मामले से जुड़े ऐसे सभी प्रश्न, जिनके उत्तर अभी तक स्पष्ट नहीं हुए हैं, उनका सार्वजनिक रूप से जवाब दिया जाए।
– अंकिता न्याय यात्रा एवं न्याय की मांग उठा रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं को डराने या दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जाए।
– उत्तराखंड की बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ठोस और जवाबदेह व्यवस्था बनाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ये लोग रहे उपस्थित
प्रेस वार्ता में इंसानियत मंच से रवि चोपड़ा, सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता सुजाता पॉल, पूर्व सैनिक संगठन से पी.सी. थपलियाल, गढ़वाल सभा से रविन्द्र असवाल ने अपने वक्तव्य रखे। इसके अतिरिक्त उत्तराखंड महिला मंच से निर्मला बिष्ट, कु. विमला एवं मंजू बलोधी, इंसानियत मंच से त्रिलोचन भट्ट, परिवर्तन पार्टी से कुलदीप मदवार, अधिवक्ता अलमास सिद्दीकी, इप्टा से बी.के. डोभाल, रचनात्मक कांग्रेस से भुवन पाठक एवं प्रभात पाल सहित विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस मामले में राजनैतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने और ढ़ंग से जाँच नहीं होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार मिला। अंकिता की माँ के दावों से मामले को अधिक तूल मिला। पुलिस के आरोप में प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने के दावे को शामिल नहीं किया। आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक), अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

फिर नया खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने वीआईपी के नाम को लेकर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। ऐसे में नाम सामने आने के बाद इस हत्याकांड में सैकड़ों सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, बीजेपी के प्रदेश के महामंत्री संगठन अजय कुमाार का नाम भी इस हत्याकांड में काफी समय पहले ही आ चुका है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस खुलासे के बाद से ही हत्याकांड की हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराने और वीआईपी सहित अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों के साथ ही आम लोग सड़कों पर उतर गए थे। सीएम धामी ने इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति केंद्र सरकार को भेजी है। ये संस्तुति एनजीओ चलाने वाले पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी की ओर से दर्ज एफआईआर के बाद की गई।
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Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।