अगर हिम्मत है तो खड़गे जी की सभा में एक भी धार्मिक नारे का सुबूत पेश करे भाजपा: सूर्यकांत धस्माना
एआईसीसी सदस्य व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि बीती आठ अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ऐतिहासिक रैली में अगर एक भी धार्मिक नारा लगा हो तो भाजपा को उसका सुबूत जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा के सामने ये चुनौती रखी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
गौरतलब है कि आठ अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली थी। उनकी रैली के बाद 10 अगस्त को कुछ लोगों ने रैली स्थल पर हवन किया और गंगाजल से शुद्धिकरण का ड्रामा किया। इस मामले को खड़गे ने राज्यसभा में भी उठाया। वहीं, आज कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रेस वार्ता कर इस मामले में उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि महेंद्र भट्ट ने शुद्धिकरण का समर्थन किया। ऐसे शुद्धिकरण करने वालों के साथ ही बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ एससी, एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। वहीं, बीजेपी नेताओं का कहना है कि रामलीला मैदान में धार्मिक नारे लगाए गए। इसलिए वहां शुद्धिकरण किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अपने कैंप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि प्रदेश व केंद्र में भाजपा की सरकारें हैं और मल्लिकार्जुन खड़गे जेड प्लस सुरक्षा वाले वीवीआईपी हैं। इसलिए उनकी सभा स्थल में केंद्रीय व राज्य की सभी सुरक्षा एजेंसियां मौजूद रहती हैं व उस आयोजन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी होती है। इसलिए केंद्र व राज्य सरकार की खुफिया एजेंसियों के पास निश्चित रूप से वह फुटेज अवश्य होगा, जिसमें तथाकथित धार्मिक नारों की बात ये तीनों नेता कह कर रामलीला मैदान के शुद्धिकरण को जायज ठहरा रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
धस्माना ने कहा कि वास्तविकता यह है कि हल्द्वानी रैली की अपार सफलता के चलते भाजपा में भारी बौखलाहट व घबराहट है और उसी से परेशान होकर भाजपा ने अपने अराजक समर्थकों से उत्तराखंड की जनता को जातीय आधार पर भड़काने व बांटने के लिए यह षडयंत्र रचा। जब राज्यसभा में इस प्रकरण को स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खड़गे ने उठाया तो आनन-फानन में नेता सदन व केंद्रीय मंत्री *जे.पी. नड्डा ने मामले की निंदा की व आरोपियों से अपना पल्ला झाड़ लिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि अब उत्तराखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा द्वारा शुद्धिकरण वालों के कृत्य का यह कह कर बचाव करना कि रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली में धार्मिक नारे लगाये गए, इसलिए शुद्धिकरण हुआ, उनका यह कहना अपने आप में अपराध की स्वीकारोक्ति है। पूरे देश के सामने यह बात स्पष्ट हो गई है कि भाजपा वास्तव में दलित, पिछड़ा व गरीब विरोधी है। धस्माना ने कहा कि प्रदेश की जनता इस अपराध के लिए भाजपा को माफ नहीं करेगी।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



