मेरा दोस्त वरिष्ठ पत्रकार तोपवाल आया याद, फाइल में पहिया लगाने के चक्कर में दो अधिकारी गिरफ्तार, विजिलेंस ने की कार्रवाई
इस खबर का जिक्र करने से पहले मैं अपने मित्र एवं वरिष्ठ पत्रकार बालम सिंह तोपवाल जी का जिक्र करना चाहता हूं। क्योंकि उन्होंने फाइल में पहिया लगाने वाले एक कर्मचारी को जेल की सलाखों के पीछे भेजा। बात देहरादून की हो रही है। हाल ही में तोपवालजी की मौत हो गई, लेकिन उनके इस जज्बे ने रिश्वत मांगने वाले लोगों को एक सबक सिखाने का प्रयास किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बात 90 के दशक की थी। टिहरी बांध विस्थापित अपनी जमीन और मकान के मुताबजे को लेकर टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (टीएचडीसी) के कार्यालय में चक्कर काट रहे थे। बात करीब वर्ष 91 या 1992 की है। तोपवालजी अपनी फाइल के लिए विभाग में चक्कर काट काट कर थक गए कि वह आगे क्यों नहीं बढ़ रही है। एक दिन उन्होंने संबंधित लिपिक से स्पष्ट पूछा कि मेरी फाइल क्यों रोक रहे हो। तब जवाब मिला कि फाइल में पहिया नहीं लगाओगे, तो फाइल कैसे चलेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पहिया शब्द का अर्थ उसने ही समझा दिया। इसके बाद तोपवालजी और मैंने सीबीआई कार्यालय के चक्कर काटने शुरू कर दिए। मेहनत रंग लाई और छापेमारी का प्लान बना। नतीजा से निकला कि उक्त लिपिक रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हो गया। कहानी तो लंबी है, लेकिन अंत ये है कि उक्त लिपिक को तब जेल की सलाखों के पीछे कर दिया गया। बात यहीं खत्म नहीं हुई। रिश्वत के मामले में इस खबर को मैने पहली बार लिखा। तब से लेकर आज तक रिश्वत मांगने वाले ऐसी प्रवृति के लोगों की कमी नहीं है। ना ही तोपवालजी की तरह वाले लोग भी रिश्वत के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। अब हम वर्तमान के सामाचार के जरिये ऐसे ही संघर्ष की दो घटनाओं का जिक्र कर रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सहायक कृषि अधिकारी 10 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार
उत्तराखंड में सतर्कता विभाग को एक शिकायतकर्ता ने शिकायत भेजी कि उनके भाई को कृषि यन्त्र को खरीदने के लिए मिलने वाली सब्सिडी की फाईल आगे बढाने की एवज में सहायक कृषि अधिकारी, विकासंड खानपुर, जिला हरिद्वार हरिओम यादव सिंह ने दस हजार रुपये की मांग की। वह मूल रूप से पौड़ी जिले के प्रतापनगर नजीबाबाद रोड निवासी हैं। विजिलेंस ने जाल फैलाया और उक्त अधिकारी को 18 अगस्त को तब गिरफ्तार किया, जब वह शिकायतकर्ता से 10000 रुपये की रिश्वत ले रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दूसरा मामला भी हरिद्वार का
युवा मंगल कल्याण दल चलाने वाले व्यक्ति ने विजिलेंस में शिकायत की कि वह फूलों की खेती के लिए सरकारी अनुदान राशि के लिए बार बार संबंधित अधिकारी के पास जाकर गुहार लगा रहा था। वहीं, अधिकारी फाईल में पहिया लगाने के लिए 35,000 रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था। ऐसे में क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी नारसन ब्लॉक हरिद्वार कुलदीप कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। वह मूल रूप से निवासी आदर्श कॉलोनी लक्सर निवासी है।
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