Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 30, 2026

उत्तराखंड आन्दोलनकारियों ने चिह्नीकरण और पेंशन वृद्धि की मांग को लेकर जिलाधिकारी को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम

उत्तराखंड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद ने आज देहरादून में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिलाधिकारी को एक ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन के माध्यम से आन्दोलनकारियों ने छूटे आन्दोलनकारियों के चिह्नीकरण एवं आन्दोलनकारियों की पेंशन वृद्धि की मांग को लेकर अपनी बात रखी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ज्ञापन में कहा गया कि राज्य आन्दोलन के अनेक योद्धा आज भी चिह्नीकरण की प्रक्रिया से वंचित हैं। साथ ही पेंशन वृद्धि की घोषणा के बावजूद कई पात्र आन्दोलनकारी इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। परिषद ने अपनी प्रमुख मांगों में सभी लंबित चिह्नीकरण आवेदनों के निस्तारण के लिए तिथिबद्ध कार्ययोजना बनाने, पेंशन वृद्धि की घोषणा को तत्काल प्रभाव से लागू करने तथा आन्दोलनकारियों की समस्याओं के समाधानके लिए जिला स्तर पर एक समर्पित कक्ष स्थापित करने की बात कही। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उल्लेखनीय है कि सरकार की ओर से वर्ष 2021 तक जिलाधिकारी कार्यालयों में प्राप्त लंबित आवेदनों के निस्तारण के लिए 6 माह का विस्तार दिया गया है। परिषद ने जिलाधिकारी से मांग की है कि छूटे आन्दोलनकारियों को चिह्नीकरण का लाभ दिया जाए तथा आन्दोलनकारी समिति व्यापक प्रतिनिधित्व दिया जाये। कचहरी में धरने में बैठे आन्दोलनकारियों की न्यायोचित मांग पूरी की जाए। परिषद ने चिह्नीकरण की मांग पर 15 दिन में कार्यवाही की मांग की है। ऐसा ना होने पर जिला मुख्यालय पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

बालेश बबानिया बने परिषद के संरक्षक
देहरादून में शहीद स्मारक स्थल पर आयोजित उत्तराखंड संयुक्त परिषद की बैठक में बालेश बबानिया को सर्वसम्मति से उपरिषद का संरक्षक चुना गया। आन्दोलनकारियों ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में आन्दोलनकारियों की मांगों को प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा। पूर्व संरक्षक नवनीत गुंसाई की मृत्यु के कारण यह पद रिक्त था, इस अवसर पर दिवगंत गुंसाई के योगदान को याद किया गया। परिषद ने कहा कि आन्दोलनकारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो आन्दोलन को और तीव्र किया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ राज्य आन्दोलनकारी रामपाल ने की। इस मौके पर अनन्त आकाश, सुरेश कुमार, चिन्तन सकलानी, प्रमिला रावत, सुभागा फर्स्वाण, राजेश शर्मा, प्रभात डण्डरियाल, विकास रावत, पुष्पलता वैश्य, दुर्गाध्यानी, अम्बुज शर्मा, रामदुलारी लोधी,पारुल बिष्ट, राजेश्वरी, श्रशोदा, निशा, मुकेश, मीरा, गीता, सुनीता, एकादशी, उपेंद्र, देवेश्वर, उमेश, जमुना, सरला, हरिओम, रमेश,मनोज, हरिओम, बिजेंद्र, भगत, गुरू प्रसाद, प्रतीक आदि आन्दोलनकारी उपस्थित थे।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।