Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

June 29, 2026

अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई की धीमी जाँच का विरोध, दो जुलाई को होगी सीबीआई कार्यालय पर तालाबंदी

उत्तराखंड में अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच की ऑनलाइन बैठक में अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जाँच की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में कहा गया कि मामले की जाँच सीबीआई को हस्थानांतरित हुए लगभग छह महीने बीतने के बावजूद जाँच में कोई ठोस और दिखाई देने वाली प्रगति सामने नहीं आई है। इससे पीड़ित परिवार और आम जनता में गहरी निराशा एवं असंतोष व्याप्त है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया कि अब तक सीबीआई ने अंकिता भंडारी के माता-पिता के बयान तक दर्ज क्यों नहीं किए हैं। साथ ही उन कथित वीआईपी व्यक्तियों की भूमिका की जाँच में भी कोई स्पष्ट प्रगति दिखाई नहीं दे रही है, जिनके संबंध में मामले के दौरान सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए गए थे। इसके अतिरिक्त रिसॉर्ट को ध्वस्त करने तथा संभावित साक्ष्यों के नष्ट होने से जुड़े पहलुओं पर भी कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। मंच का कहना है कि इन परिस्थितियों से जाँच की दिशा और गति को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बैठक में यह भी बताया गया कि स्थानीय सीबीआई अधिकारियों द्वारा यह कहा जा रहा है कि मामले की जाँच का संचालन दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय के स्तर पर किया जा रहा है। मंच का मत है कि जब घटना उत्तराखंड में हुई है, तब राज्य में उपलब्ध सीबीआई तंत्र को भी सक्रिय एवं प्रभावी रूप से जाँच आगे बढ़ानी चाहिए। मंच ने आशंका व्यक्त की कि जाँच में लगातार हो रही देरी से न्याय की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने बताया कि लगभग दो सप्ताह पूर्व सीबीआई निदेशक को पत्र भेजकर जाँच की अब तक की प्रगति सार्वजनिक करने तथा जाँच में तेजी लाने की मांग की गई थी। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई थी कि यदि निर्धारित समयावधि में कोई संतोषजनक प्रगति सामने नहीं आती, तो देहरादून स्थित सीबीआई कार्यालय पर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि जाँच में यही धीमी गति और अस्पष्टता बनी रहती है, तो 02 जुलाई 2026 को देहरादून स्थित सीबीआई कार्यालय पर तालाबंदी एवं विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। मंच ने प्रदेश की जनता, सामाजिक संगठनों और न्यायप्रिय नागरिकों से इस कार्यक्रम में सहभागी बनकर अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मुहिम को मजबूत करने की अपील की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस मामले में राजनैतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने और ढ़ंग से जाँच नहीं होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार मिला। अंकिता की माँ के दावों से मामले को अधिक तूल मिला। पुलिस के आरोप में प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने के दावे को शामिल नहीं किया। आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक), अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

फिर नया खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने वीआईपी के नाम को लेकर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। ऐसे में नाम सामने आने के बाद इस हत्याकांड में सैकड़ों सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, बीजेपी के प्रदेश के महामंत्री संगठन अजय कुमाार का नाम भी इस हत्याकांड में काफी समय पहले ही आ चुका है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस खुलासे के बाद से ही हत्याकांड की हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराने और वीआईपी सहित अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों के साथ ही आम लोग सड़कों पर उतर गए थे। सीएम धामी ने इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति केंद्र सरकार को भेजी है। ये संस्तुति एनजीओ चलाने वाले पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी की ओर से दर्ज एफआईआर के बाद की गई।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।