ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ सीपीएम ने किया प्रदर्शन
ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के विरोध में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सीपीआईएम ने प्रदर्शन किया। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री नेतान्याहू का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन राजपुर रोड स्थित पार्टी कार्यालय से शुरू होकर गांधी पार्क के पास पहुंचा, जहां पुतला दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रदर्शन के दौरान सीपीआई (एम) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इजराइल यात्रा के मद्देनजर सरकार के रुख पर कडे़ सवाल उठाए। साथ ही अमेरिका द्वारा ईरान पर सैन्य हमले की कड़े शब्दों में निन्दा की। ये प्रदर्शन राजपुर रोड पर किया गया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकन साम्राज्यवादी व बिस्तारवादी नीतियों का जोरदार विरोध किया। साथ ही ईरान की जनता के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि वैश्विक स्तर पर चीन और रूस, उत्तरी कोरिया तथा शान्तिकामी देशों ने इस हमले तथा अमेरिकी दादागिरी को कायरतापूर्ण कार्रवाई की कड़ी निंदा की। साथ ही इस हमले को दूसरे सम्प्रभु राष्ट्रों के आन्तरिक मामलों में हस्तक्षेप कहा है। इससे पहले अमेरिका बेनेजुयला के साथ भी ऐसी हरकतें कर चुका है। वक्ताओं ने कहा कि विश्व स्तर पर इस सन्दर्भ में कूटनीतिक समाधान के लिए प्रयास करते हुए अमेरिका को अलग थलग किया जाना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वक्ताओं ने अमेरिकी दादागिरी को अंतरराष्ट्रीय कानून और ईरान की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया। कहा कि यह हमला ईरान के साथ चल रही कूटनीतिक वार्ता को नजरअंदाज कर किया गया। इससे साफ है कि अमेरिका और इजराइल शान्ति प्रयासों में विश्वास नहीं रखते। वक्ताओं ने अमेरिका को “युद्ध प्रिय बदमाश” करार देते हुए आरोप लगाया कि वह सम्प्रभु राष्ट्रों पर हमला कर अन्तरराष्ट्रीय मानदण्डों को कमजोर कर रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वक्ताओं ने वहां के सर्वोच्च नेता व उनके परिवार, उच्चाधिकारियों पर कायरना ढंग से हमला करने तथा उनकी शहादत पर गहरा दुःख प्रकट किया। साथ ही ईरान की संघर्षशील जनता के साथ एकजुटता प्रदर्शित का इजहार किया। वक्ताओं ने मोदी सरकार के रवैये पर भी सवाल उठाए। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की इजराइल यात्रा के ठीक बाद हुए इस हमले को लेकर चिंता जताई। वक्ताओं ने एक स्वर से केंद्र सरकार से मांग की है कि वह “अपने मित्र देश ईरान” पर हुए इन हमलों की स्पष्ट रूप से निंदा करे। तुरंत युद्ध विराम की अपील करे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वक्ताओं ने कहा यह भी दुखद है कि पीएम मोदी ने इजराइल में खड़े होकर कहा कि- इंडिया स्टैंड्स विद इजराइल। इसके दो दिन बाद ही इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया। इस यात्रा ने सैन्य कार्रवाई को एक राजनीतिक समर्थन देने का आभास कराया है। पार्टी ने सरकार को यह भी याद दिलाया कि भारत के इजराइल के साथ ही नहीं, बल्कि ईरान और फिलिस्तीन के साथ भी सभ्यतागत, आर्थिक और ऊर्जा संबंधी गहरे संबंध हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रमुख वक्ताओं में पार्टी राज्य सचिव राजेन्द्र पुरोहित, देहरादून सचिव अनन्त आकाश, सीआईटीयू जिला महामंत्री लेखराज, उपाध्यक्ष भगवन्त पयाल, एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेठा, पार्टी नेता गंगाधर नौटियाल आदि प्रमुख थे। इस अवसर पर सीआईटीयू सचिव अभिषेक भण्डारी, कोषाध्यक्ष रविन्द्र नौडियाल, एसएफआइ के प्रदेश महामंत्री शैलेन्द्र परमार, जिलामंत्री अय्याज खान, शमा परवीन, बिजय रमोला, सावेज अहमद, प्रेमा गढ़िया, सावेज खान, सोनू कुमार, सलिम खान, शराफत अलि, अंश सैफी, अशोक सचदेवा, मेहरबान, इश्याहक अंसारी, नितिन बौंठियाल, सोफियान आदि कार्यकर्ता शामिल थे।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


