प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष धस्माना ने मुख्यमंत्री धामी से किया सवाल- अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच का क्या हुआ
उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि सीएम धामी बताएं कि दो सप्ताह पूरे होने के बाद अंकिता भंडारी प्रकरण में वीवीआईपी के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश का क्या हुआ। क्या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से तत्काल सीबीआई जांच न्यायिक देख रेख में करवाने पर सीएम की कोई वार्ता हुई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
एक बयान में धस्माना ने कहा कि बीती नौ जनवरी को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की थी कि दिवंगत अंकिता भंडारी के माता पिता की इच्छा अनुसार उत्तराखंड सरकार अंकिता भंडारी हत्याकांड में संलिप्त वीआईपी का पता लगाने के लिए केंद्र सरकार को सीबीआई जांच कराए जाने के लिए संस्तुति भेज रही है। आज दो सप्ताह पूरे होने के बाद भी यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई है कि क्या केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की संस्तुति मान कर सीबीआई जांच को हरी झंडी दे दी है, या नहीं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सूर्यकांत धस्माना ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सवाल किया है कि बीते बुधवार देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तराखंड में थे। उनके अधीन सीबीआई आती है। मुख्यमंत्री भी उनके साथ थे, तो क्या उनसे अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच को लेकर मुख्यमंत्री की कोई बात गृह मंत्री से हुई या नहीं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस नेता धस्माना ने कहा कि पूरा प्रदेश अंकिता भंडारी प्रकरण में संलिप्त वीआईपी का पता लगा कर उसकी गिरफ्तारी व उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए उद्वेलित है। वहीं, प्रदेश की भाजपा सरकार इस मुद्दे को लगातार किसी ना किसी बहाने भटकाने में लगी है। प्रदेश व्यापी जन आंदोलन व जन आक्रोश के दबाव में एक पत्र लिखकर फिर खामोश हो गई है। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र केंद्र सरकार इस प्रकरण की जांच सीबीआई से न्यायिक देख रेख में करवाने के आदेश जारी नहीं करती तो कांग्रेस पार्टी एक बार फिर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मामले में राजनैतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने और ढ़ंग से जाँच नहीं होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार मिला। अंकिता की माँ के दावों से मामले को अधिक तूल मिला। पुलिस के आरोप में प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने के दावे को शामिल नहीं किया। आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक), अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
हाल ही में अचानक इस मामले में नया खुलासा हुआ है। ये खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने इस नाम को उजागर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। ऐसे में नाम सामने आने के बाद इस हत्याकांड में सैकड़ों सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, बीजेपी के प्रदेश के महामंत्री संगठन अजय कुमाार का नाम भी इस हत्याकांड में काफी समय पहले ही आ चुका है। इस नए खुलासे के बाद से ही हत्याकांड की हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराने और वीआईपी सहित अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों के साथ ही आम लोग सड़कों पर उतर गए थे। सीएम धामी ने इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति केंद्र सरकार को भेजी है। ये संस्तुति एनजीओ चलाने वाले पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी की ओर से दर्ज एफआईआर के बाद की गई।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



