प्रेमचंद अग्रवाल को मंत्री पद से नहीं हटाया तो होगा जनांदोलन
उत्तराखंड मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी और भाजपा सरकार से प्रेमचंद अग्रवाल को तुरंत मंत्री पद से बर्खास्त करने के साथ ही ऋतु खंडूरी को भी विधानसभा अध्यक्ष पद से हटाने की मांग उठाई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
एक बयान में संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि प्रेमचंद अग्रवाल को मंत्री पद से नहीं हटाया गया तो राज्यभर में सरकार के खिलाफ जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रेमचंद अग्रवाल मंत्री रहते हुए लगातार पर्वतीय समाज को आहत करने वाली हरकतें करते आ रहे हैं। कभी ऋषिकेश में पर्वतीय समाज के युवा की सड़क के बीच पिटाई कर देते हैं। कभी पहाड़ की बेटी अंकिता भंडारी की हत्या में शामिल रहे वीआईपी को बचाने के लिए बिना जाँच पूरी हुए बयान दे देते हैं और कमरे को वीआईपी बताते हैं। तो कभी अपने कार्यालय में मिलने गए उत्तराखंड आंदोलनकारियों से अभद्रता करते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि विधानसभा में पहाड़ के लोगों के लिए अपशब्दों का प्रयोग करना उनकी इसी मानसिकता को दिखाता है। उत्तराखंड में ऐसे व्यक्ति का मंत्री पद पर बने रहना उत्तराखंड के शहीदों और उत्तराखंड आंदोलनकारियों का अपमान है। मोहित डिमरी ने राज्य की जनता से उन विधायकों से सवाल पूछने को कहा जो विधानसभा में प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा पर्वतीय मूल के लोगों को अपशब्द बोले जाने पर चुप रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
साथ ही उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी पर प्रेमचंद अग्रवाल को संरक्षण देने का आरोप लगाया और कहा कि जब विधानसभा में प्रेमचंद अग्रवाल पहाड़ियों को गाली दे रहे थे तो वह चुप रहीं। जब प्रेमचंद अग्रवाल का विधानसभा में विरोध हुआ तो उन्हें गुस्सा आ गया। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद अग्रवाल को मंत्रीपद और ऋतु खंडूरी को विधानसभा अध्यक्ष पद से नहीं हटाया गया तो प्रदेश की जनता सड़कों पर उतरकर जनांदोलन करेगी।
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