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August 11, 2026

स्मार्ट सिटी में कुछ घंटों की बारिश से पानी में डूबी राजधानी, हजारों करोड़ के खर्च का सरकार दे जवाबः सूर्यकांत धस्माना

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की सड़कें कुछ ही घंटों की बारिश में तालाब का रूप ले रही हैं। ये स्थिति तब है, जब प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी के तहत देहरादून में अब तक हजारों करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि ये खर्च कहां हुआ और इसका क्या लाभ मिला, सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि देहरादून में मानसून की कुछ घंटों की बारिश के बाद शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। इससे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अधिकारियों व भाजपा सरकार के कर्ताधर्ताओं के सारे दावे धराशाई हो गए। अब सरकार को जवाब देना चाहिए कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में खर्च किए गए हजारों करोड़ रुपए कहां खपाए गए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अपने कैंप कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि स्मार्ट सिटी का शोर पिछले पांच वर्षों से भाजपा सरकार की ओर से मचाया जा रहा है। इस पर कई हजार करोड़ रुपए बहाए गए, किंतु शहर की पानी की निकासी का एक अदद ड्रेनेज सिस्टम स्मार्ट सिटी में विकसित नहीं किया गया। इसके कारण कुछ घंटों की बरसात में ही राजपुर, घंटाघर, गांधी रोड, प्रिंस चौक, सहारनपुर चौक, हरिद्वार रोड, शिमला बाई पास से ले कर आसारोड़ी तक दर्जनों स्थानों पर जल भराव हो रहा है। इसके कारण सड़कों पर आवाजाही ठप हो रही है। बारिश का पानी लोगों के घरों और दुकानों में भी घुस गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

धस्माना ने कहा कि नगर निगम और स्मार्ट सिटी के कर्ताधर्ताओं के सारे दावे हवा हवाई साबित हो गए। अधिकांश जगहों पर नाले चोक पड़े हैं और नालों का गंदा पानी सड़कों में बह रहा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के सभी कामों की सीबीआई जांच होनी चाहिए। साथ ही प्रदेश सरकार को स्मार्ट सिटी पर किस मद में कितना खर्चा हुआ है, इसका ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए।
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