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August 16, 2026

स्वतंत्रता दिवस पर सीएम धामी ने परेड ग्राउंड में किया ध्वजारोहण, वीर बलिदानियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन, की सात घोषणाएं, पीएचक्यू में पुलिस कार्मिक सम्मानित

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुआ। इसके उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान जन गण मन का सामूहिक गायन हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने समारोह के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया तथा फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 14 पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया। जिसमें 7 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा के आधार पर एवं 6 को विशिष्ट कार्यों के आधार पर सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय प्रदर्शन करने वाले 13 खिलाड़ियों को भी मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों, वीर बलिदानियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया। उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों, अर्धसैनिक बलों एवं पुलिस के बहादुर जवानों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले राज्य आंदोलनकारियों एवं शहीदों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों तक शीघ्र राहत पहुंचाना, घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना तथा जिन लोगों ने अपने घर एवं आजीविका खोई है, उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करना है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव सामग्री पहुंचाने के साथ क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, पेयजल एवं विद्युत लाइनों को शीघ्र दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 अनेक दृष्टियों से ऐतिहासिक है। इस वर्ष देश स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है तथा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इसी वर्ष संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती तथा सिक्ख पंथ के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी वर्ष भी मनाया जा रहा है। उन्होंने विभाजन विभीषिका के दौरान अमानवीय यातनाएं झेलने, अपनों को खोने और विस्थापन का दर्द सहने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। देश विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, रक्षा उत्पादन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान, अनुसंधान, स्टार्टअप, खेल, योग एवं आयुर्वेद सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प देशवासियों के सामने रखा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ वीरभूमि भी है। राज्य सरकार अपने वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। देहरादून में सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। बलिदानियों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये तथा परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों की अनुग्रह राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की गई है। प्रत्येक बलिदानी परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजित करने के साथ सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री की माणा, आदि कैलाश, हर्षिल एवं मुखबा की यात्राओं तथा राष्ट्रीय खेलों में सहभागिता से उत्तराखंड को विकास, पर्यटन एवं खेल के क्षेत्र में नई दिशा मिली है। राज्य के रजत जयंती वर्ष में प्रधानमंत्री ने आगामी 25 वर्षों के लिए उत्तराखंड के विकास का स्पष्ट विजन भी प्रदेशवासियों के सामने रखा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में केदारनाथ की पावन धरती से प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए ‘21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा’ के मंत्र को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार ने वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि सड़क, रेल एवं रोपवे कनेक्टिविटी के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे तथा विभिन्न रोपवे परियोजनाओं से राज्य की कनेक्टिविटी को नई गति मिली है। जमरानी, लखवाड़, किशाऊ एवं सौंग बांध परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ एवं बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना तीर्थ पुनर्विकास एवं शीतकालीन यात्रा जैसी पहलों से प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के साथ पर्यटन एवं अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 47 लाख के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुकी है, जबकि इस वर्ष कांवड़ मेले में 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र कांवड़ लेकर अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए। शीतकालीन यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी वर्ष हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ महापर्व में नया रिकॉर्ड बनेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अब धार्मिक पर्यटन के साथ वेलनेस, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग एवं वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु एवं पर्यटक यहां से एक अनूठा अनुभव लेकर लौटे और राज्य का ब्रांड एंबेसेडर बने। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। इन्क्यूबेशन सेंटरों के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। होम-स्टे योजना एवं मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के माध्यम से भी युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी विद्यालयों में कक्षा 11वीं एवं 12वीं में अध्ययनरत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। प्रथम चरण में 10 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा तथा इसके लिए 7 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से उत्तराखंड ने खेलों के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान के अंतर्गत 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के साथ खेल विश्वविद्यालय के निर्माण पर भी कार्य किया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण, औद्यानिकी, विज्ञान एवं नवाचार तथा सुशासन के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रदेश की 3 लाख से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को 3 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण, कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी तथा निःशुल्क नहर सिंचाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू की गई है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट इन्फॉर्मेशन सेंटर एवं स्टैम लैब्स जैसी पहलें राज्य में विज्ञान एवं तकनीक को बढ़ावा दे रही हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है तथा प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। पिछले पांच वर्षों में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं तथा स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर लगभग 1,750 हो गई है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन सूचकांक एवं इंडिया इनोवेशन इंडेक्स में हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। उत्तराखंड को लगातार चार वर्षों से ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’ का गौरव भी प्राप्त हुआ है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता, सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून एवं नकल विरोधी कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी मिली है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां विकास के साथ विरासत, रोजगार के साथ पलायन का समाधान, आधुनिकता के साथ संस्कृति और पहचान की मजबूती सुनिश्चित हो। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

मुख्यमंत्री ने की सात महत्वपूर्ण घोषणाएं
1-चमोली, पौड़ी एवं अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे।
2- प्रदेश के प्रथम ‘युवा आयोग’ की स्थापना की जाएगी।
3- सीमावर्ती ग्रामों के युवाओं, भूतपूर्व सैनिकों एवं अग्निवीरों को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए अतिरिक्त सहायता एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा।
4- वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा का विस्तार कर भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे।
5- प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत राज्यांश 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।
6- 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी। आईआईटी एवं आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से निःशुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दी जाएगी।
7- प्रदेश के बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए इस वर्ष से ‘बाल वीरता पुरस्कार’ प्रदान किया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, शासन के सचिवगण, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेन्द्र डोभाल एवं अन्य महानुभाव उपस्थित थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

सीएम आवास में किया ध्वजारोहण
इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में ध्वजारोहण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर बलिदानियों ने जिस सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ योगदान देना होगा। सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से ही देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के समग्र, संतुलित और सतत विकास के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में सभी के सहयोग और सहभागिता से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

मुख्य सचिव ने सुशासन, विकसित उत्तराखंड और हिमालय संरक्षण का लिया संकल्प
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सचिवालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड आनन्द बर्द्धन ने प्रदेशवासियों, सचिवालय परिवार, उत्तराखंड पुलिस एवं पीएसी के जवानों, राजकीय इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्य सचिव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को स्मरण करने का दिन है, जिनके संघर्ष से आज भारत एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और संप्रभु राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। स्वतंत्रता हमें विरासत में मिली है, लेकिन राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी की है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि आज का भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है। आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी एवं सामरिक क्षेत्रों में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। भारत के वैज्ञानिक अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर रहे हैं, युवा विश्वभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं और डिजिटल तकनीक ने शासन एवं नागरिक सेवाओं के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन किया है। अब हमारा लक्ष्य ऐसा समावेशी, सतत और गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करना है, जिसमें प्रत्येक नागरिक को समान अवसर मिले और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उपलब्धियों के साथ चुनौतियों पर भी ध्यान जरूरी
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड की 25 वर्षों की यात्रा आत्मावलोकन और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। राज्य का गठन केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं था, बल्कि इसके पीछे पर्वतीय क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं, भौगोलिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियों और विकास की आकांक्षाओं का लंबा संघर्ष रहा है। उन्होंने कहा कि इन 25 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, पर्यटन, डिजिटल कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसके बावजूद पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन, रोजगार के पर्याप्त अवसरों का सृजन, दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं शिक्षा की पहुंच, आपदा जोखिम को कम करना, जल स्रोतों का संरक्षण और हिमालयी पारिस्थितिकी की रक्षा जैसी चुनौतियों पर निरंतर कार्य करने की आवश्यकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की सफलता में उत्तराखण्ड की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारा लक्ष्य ‘विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखंड’ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तराखण्ड का अर्थ केवल बड़े शहरों और बड़ी परियोजनाओं से नहीं है। विकसित उत्तराखण्ड वह होगा, जहां पहाड़ का युवा अपने गांव में रहकर सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर सके, महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हों, प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रत्येक नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। गांव सड़क, इंटरनेट और आधुनिक सुविधाओं से जुड़े हों तथा विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक बनें।(खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

युवाओं के लिए रोजगार के साथ उद्यमिता के अवसर
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बने—यह हमारा लक्ष्य होना चाहिए। स्टार्टअप, नवाचार, पर्यटन, आईटी, नवीकरणीय ऊर्जा, क्रिएटिव इकोनॉमी और उद्यमिता के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर विकसित करने होंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि उत्तराखण्ड का युवा रोजगार के लिए केवल देहरादून, दिल्ली, चंडीगढ़ या बेंगलुरु की ओर न देखे, बल्कि रोजगार और उद्यम के अवसर पहाड़ तक पहुंचें और प्रतिभा पहाड़ से बाहर जाने के बजाय यहीं अवसर प्राप्त करे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

हिमालय और पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड हिमालय का प्रहरी है। राज्य की नदियां केवल जलधाराएं नहीं, बल्कि सभ्यता, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का आधार हैं। इसी प्रकार जंगल जल स्रोतों, जैव विविधता और जलवायु संतुलन के महत्वपूर्ण संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का विकास हिमालय-संवेदनशील विकास मॉडल पर आधारित होना चाहिए। आपदा प्रबंधन में प्रतिक्रियात्मक दृष्टिकोण के बजाय पूर्व तैयारी और जोखिम न्यूनीकरण पर जोर दिया जाना चाहिए। अर्ली वार्निंग सिस्टम, रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर, कैरिंग कैपेसिटी असेसमेंट, आपदा-रोधी निर्माण और जलवायु अनुकूलन को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना आवश्यक है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अंत में मुख्य सचिव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद सहित सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए समर्पित भारतीय सेना, अर्द्धसैनिक बलों, पुलिस बलों तथा सभी वीर जवानों के प्रति भी सम्मान व्यक्त किया और सभी से मिलकर नए एवं विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव, सचिवगण, अपर सचिवगण, सचिवालय परिवार के अधिकारी कर्मचारी एवं स्कूल के बच्चे भी उपस्थित थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

डीजीपी ने दिलाई राष्ट्रीय एकता की शपथ
स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर देहरादून स्थित पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने ध्वजारोहण कर सभी को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। इसके उपरान्त पुलिस महानिदेशक ने स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर चयनित पुलिस कर्मियों को पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क ’गोल्ड’ एवं पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क ’सिल्वर’ एवं “पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सभी को बधाई दी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस मौके पर पुलिस महानिदेशकने कहा कि आज का यह दिन हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों, वीर आजादी के नायकों और अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करने का अवसर देता है, जिनके त्याग, साहस और बलिदान के कारण आज हम एक स्वतंत्र राष्ट्र के नागरिक हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता, संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। इस दायित्व के निर्वहन में हमारे पुलिसकर्मी सदैव अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे हैं। मुझे गर्व है कि उत्तराखंड पुलिस ने प्रत्येक क्षेत्र में अपनी पेशेवर दक्षता और कार्यकुशलता का परिचय दिया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा और कांवड़ मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को बेहतर समन्वय के साथ संभालते हुए हमने सुरक्षा, सेवा और आस्था—तीनों के बीच संतुलन बनाए रखा। साइबर अपराध प्रबंधन के क्षेत्र में ‘प्रगति’ समीक्षा बैठक में उत्तराखण्ड पुलिस का देश के Top 5 राज्यों में स्थान प्राप्त करना, पासपोर्ट सत्यापन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भारत सरकार से Institutional Performance Award for State Police प्राप्त करना तथा BRICS सम्मेलन में सिल्क्यारा टनल और धराली-हर्षिल रेस्क्यू मॉडल की सराहना किया जाना, हमारी कार्यकुशलता का प्रमाण है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ियों ने भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उत्तराखण्ड पुलिस का गौरव बढ़ाया है। वहीं, पुलिस कर्मियों के कल्याण और प्रोत्साहन की दिशा में पिछले एक वर्ष में 950 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समयबद्ध पदोन्नतियां दी गई हैं। उत्तराखण्ड पुलिस की हर सफलता के पीछे आपके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण की कहानी है। मैं आप सभी के जज्बे की सराहना करता हूँ। इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था वी मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन ए पी अंशुमान सहित समस्त पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

उत्कृष्ट सेवा एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले 154 पुलिस कर्मी सम्मानित
पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क ‘सिल्वर’ (सेवा के आधार पर)
1-जगदम्बा प्रसाद पुजारी, पुलिस उपाधीक्षक(एम), अभिसूचना/सुरक्षा मुख्यालय।
2-महेश कुमार लखेडा, पुलिस उपाधीक्षक, जनपद टिहरी गढ़वाल।
3-अन्न राम आर्य, पुलिस उपाधीक्षक, जनपद उधमसिंहनगर।
5-गोबिन्द बल्लभ जोशी, पुलिस उपाधीक्षक, जनपद पिथौरागढ़।
6-संजीवा कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, जनपद टिहरी गढ़वाल।
6-उर्मिला बडोला, निरीक्षक नागरिक पुलिस, सीआईडी खण्ड देहरादून।
7-चन्दन राम, अग्निशम अधिकारी, जनपद ऊधमसिंहनगर।
8-हयात सिंह, निरीक्षक यातायात, जनपद अल्मोड़ा।
9-सुखबीर सिंह,उप निरीक्षक/ गुल्मनायक, जनपद ऊधमसिंहनगर।
10-केवलानन्द भट्ट, उप निरीक्षक परिवहन, 31 वीं वाहिनी पीएसी।
11-चन्द्रशेखर, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, जनपद नैनीताल।
12-गुमान सिंह, अपर उप निरीक्षक सशस्त्र पुलिस, जनपद बागेश्वर।
13-अमिर हुसैन, उप निरीक्षक पुलिस दूरसंचार, पुलिस संचार शाखा देहरादून।
14-हेम चन्द्र सती, उप निरीक्षक(एम), परिक्षेत्रीय कार्यालय कुमायू।
15-सुभाष चन्द्र सिंह, अपर उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, जनपद चम्पावत।
16-रमेश सिंह ढेक, अपर उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, जनपद पिथौरागढ़।
17-जानकी वर्मा, अपर उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, जनपद नैनीताल।
18-कमल लाल, अपर उप निरीक्षक सशस्त्र पुलिस, पीटीसी नरेन्द्रनगर।
19-पुष्पा देवी, मुख्य आरक्षी 34 नागरिक पुलिस, जनपद अल्मोड़ा।
20-शकुन्तला, मुख्य आरक्षी 104 नागरिक पुलिस, जनपद बागेश्वर।
21-विपिन चन्द्र चौहान, मुख्य आरक्षी चालक, 46वीं वाहिनी पीएसी।
22-बीना चौधरी, मुख्य आरक्षी 40 नागरिक पुलिस, जनपद उत्तरकाशी।
23-मनोज कुमार, आरक्षी 410 नागरिक पुलिस, जनपद अल्मोड़ा।
24-मोहन राम, आरक्षी परिवहन, जनपद देहरादून।
25-रेखा, आरक्षी 479 नागरिक पुलिस, जनपद देहरादून। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क ‘गोल्ड’ (सेवा के आधार पर)
1-शिशुपाल सिंह नेगी, पुलिस उपाधीक्षक, जनपद हरिद्वार।
2-संजय चौहान, पुलिस उपाधीक्षक, जनपद हरिद्वार।
3-दिनेश प्रसाद थपलियाल, निरीक्षक(एम), पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड।
4-सलाउद्दीन, निरीक्षक नागरिक पुलिस, जनपद बागेश्वर।
5-गोविन्द कुमार, निरीक्षक नागरिक पुलिस, जनपद हरिद्वार।
6-दीपक सिंह, निरीक्षक अभिसूचना, लोभवन सुरक्षा उत्तराखण्ड।
7-शिवशंकर उनियाल, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, जनपद टिहरी गढ़वाल।
8-हरीश चन्द्र, अपर उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, जनपद नैनीताल।
9-महावीर सिंह, अपर गुल्मनायक, एसडीआरएफ उत्तराखण्ड।
10-किरन आर्या, अपर गुल्मनायक, 31वीं वाहिनी पीएसी।
11-दीवान सिंह जीना, अपर गुल्मनायक, 31वीं वाहिनी पीएसी।
12-पूरन राम, अपर गुल्मनायक, 46वीं वाहिनी पीएसी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क ‘सिल्वर’ (विशिष्ट कार्य )
1-प्रहलाद नारायण मीणा, पुलिस उपमहानिरीक्षक सतर्कता अधिष्ठान उत्तराखण्ड।
2-मुकेश कुमार, पुलिस उपमहानिरीक्षक पीएसी उत्तराखण्ड।
3- यशवन्त सिंह, पुलिस उपमहानिरीक्षक पीटीसी नरेन्द्रनगर, टिहरी गढ़वाल।
4-आयुष अग्रवाल, सेनानायक 40वीं वाहिनी पीएसी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला 2027 ।
5-मनोज कुमार ठाकुर, अपर पुलिस अधीक्षक, जनपद पौड़ी गढ़वाल।
6-यादविन्दर सिंह बाजवा, निरीक्षक नागरिक पुलिस, एसटीएफ उत्तराखण्ड।
7-मनीष रावत, निरीक्षक सशस्त्र पुलिस, जनपद देहरादून।
8-विपिन चन्द्र जोशी, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ कुमायूॅ यूनिट।
9-जितेन्द्र कुमार, आरक्षी नागरिक पुलिस एसटीएफ कुमायू यूनिट।
10-रविना सिदोला, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ उत्तराखण्ड।
11-रोशनी रावत, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ उत्तराखण्ड ।
12-भावना कर्णवाल, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ उत्तराखण्ड ।
13-कृष्णा चन्द्र, एसडीआरएफ वाहिनी उत्तराखण्ड।
14-सुमित सिंह, मुख्य आरक्षी पुलिस दूरसंचार एसटीएफ उत्तराखण्ड ।
15-स्वाति गौतम, मुख्य आरक्षी पुलिस दूरसंचार एसटीएफ उत्तराखण्ड ।
16-शिवाशीष रावत, आरक्षी 91 सशस्त्र पुलिस एसटीएफ उत्तराखण्ड ।
17-पवन पुंडीर, आरक्षी 463 नागरिक पुलिस एसटीएफ उत्तराखण्ड ।
18-बृजेश यादव, आरक्षी नागरिक पुलिस, साईबर क्राईम पुलिस थाना उत्तराखण्ड।
19-मनोज बेनीवाल, अपर उप निरीक्षक नागरिक पुलिस साईबर क्राईम पुलिस थाना उत्तराखण्ड।
20-राजेन्द्र कुमार कश्यप, आरक्षी 1046 नागरिक पुलिस जनपद ऊधमसिंहनगर ।
21-प्रवीण कुमार गोस्वामी, आरक्षी 48 नागरिक पुलिस जनपद ऊधमसिंहनगर ।
22-बिनोद कुमार, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस पीटीसी नरेन्द्रनगर ।
23-अर्जुन सिंह, फायर सर्विस चालक, जनपद हरिद्वार।
24-कृष्ण कान्त आर्य, निरीक्षक नागरिक पुलिस जनपद टिहरी गढ़वाल ।
25-रविन्द्र सिंह नेगी, आरक्षी 44 नागरिक पुलिस जनपद टिहरी गढ़वाल ।
26-युगल किशोर गौड़ आरक्षी 437 नागरिक पुलिस जनपद पौड़ी गढ़वाल ।
27-चन्दन सिंह नगरकोटी, मुख्य आरक्षी 75 नागरिक पुलिस, जनपद चमोली ।
28-शहजाद अली उ0नि0 ना0पु0 जनपद हरिद्वार ।
29-सोनू कुमार हे0का0 336 ना0पु0 जनपद हरिद्वार ।
30-आबिद, आरक्षी 518 ना0पु0 जनपद हरिद्वार ।
31-सुधांशु कौशिक, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस जनपद हरिद्वार ।
32-मंगल सिंह, मुख्य आरक्षी 113 सशस्त्र पुलिस जनपद हरिद्वार ।
33-देवेन्द्र नबियाल, निरीक्षक नागरिक पुलिस साईबर क्राईम पुलिस थाना देहरादून ।
34-भूपेन्द्र सिंह मेहता, उप निरीक्षक अभिसूचना मा0 मुख्यमंत्री सुरक्षा उत्तराखण्ड ।
35-अम्बिका प्रसाद सेमवाल, उप निरीक्षक अभिसूचना अभिसूचना मुख्यालय ।
36-राजेन्द्र सिंह, मुख्य आरक्षी अभिसूचना एसपीआर देहरादून ।
37-सुरेन्द्र सिंह राणा, मुख्य आरक्षी अभिसूचना मा0मुख्यमंत्री सुरक्षा ।
38-अंकुर कुमार, मुख्य आरक्षी अभिसूचना एलआईयू देहरादून ।
39-जगवीर सिंह सजवाण, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस मा0 मुख्यमंत्री सुरक्षा उत्तराखण्ड ।
40-विजय सिंह नेगी, निरीक्षक अभिसूचना लोकभवन सुरक्षा उत्तराखण्ड ।
41-मंजू चौहान, उप निरीक्षक अभिसूचना लोकभवन सुरक्षा उत्तराखण्ड ।
42-सुमेश उनियाल उप निरीक्षक नागरिक पुलिस लोकभवन सुरक्षा उत्तराखण्ड ।
43-प्रेम सुमन, अपर उप निरीक्षक कमाण्डो लोकभवन सुरक्षा उत्तराखण्ड ।
44-विरेन्द्र राम, मुख्य आरक्षी 46 नागरिक पुलिस जनपद नैनीताल ।
45-नितिन कुमार, आरक्षी 1187 नागरिक पुलिस जनपद हरिद्वार ।
46-राजाराम, मुख्य आरक्षी, एसटीएफ /साईबर देहरादून।
47-सौरव ग्वासाकोटी, आरक्षी एसटीएफ/ साईबर देहरादून।
48-दिनेश बिष्ट, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस जपद ऊधमसिंहनगर ।
49-रीता चौहान, उप निरीक्षक जनपद ऊधमसिंहनगर ।
50-भरत रावत, मुख्य आरक्षी जनपद देहरादून ।
51-नरेन्द्र नेगी, मुख्य आरक्षी जनपद हरिद्वार ।
52-अनामिका, आरक्षी जनपद टिहरी गढ़वाल ।
53-भवान सिंह, मुख्य आरक्षी, जनपद अल्मोड़ा ।
54-प्रमोद सिंह, मुख्य आरक्षी ,जनपद देहरादून ।
55-देवेन्द्र सिंह, आरक्षी, जनपद देहरादून ।
56-राजाराम डोभाल उप निरीक्षक नागरिक पुलिस जनपद पौड़ी गढ़वाल ।
57-शशिकान्त, मुख्य आरक्षी 186 जनपद पौड़ी गढ़वाल।
58-जमशेद अली, आरक्षी 24 जनपद पौड़ी गढ़वाल।
59-अनुज आरक्षी 205, जनपद पौड़ी गढ़वाल।
60-रामप्रसाद, मुख्य आरक्षी 220 (कोर्ट पैरोकार) जनपद पौड़ी गढ़वाल।
61-लायवर सिंह, आरक्षी 56 सशस्त्र पुलिस (कोर्ट पैरोकार) जनपद उत्तरकाशी।
62-शंकर नाथ, आरक्षी 88 नागरिक पुलिस(कोर्ट पैरोकार) जनपद नैनीताल।
63-महेश जोशी, आरक्षी 387(कोर्ट पैरोकार) जनपद चम्पावत।
64-संजय सिंह, आरक्षी 103 नागरिक पुलिस (कोर्ट पैरोकार) जनपद चम्पावत।
65-सुरेन्द्र प्रसाद, मुख्य आरक्षी 134 नागरिक पुलिस (कोर्ट पैरोकार) जनपद पिथौरागढ़।
66-पवन रावत, मुख्य आरक्षी, पुलिस मुख्यालय।
67-दीपक चन्द्र, आरक्षी चालक जनपद हरिद्वार
68-सुनील कुमार, मुख्य आरक्षी 42 सशस्त्र पुलिस जनपद पिथौरागढ़।
69-महेन्द्र सिंह, आरक्षी 202 सशस्त्र पुलिस जनपद पिथौरागढ़।
70-दिलीप सिंह, उप निरीक्षक जनपद नैनीताल।
71-किरन, आरक्षी यातायात 566 जनपद देहरादून।
72-सुषमा बहुगुणा, आरक्षी यातायात 297, जनपद देहरादून।
73-कविता, आरक्षी यातायात 211 जनपद देहरादून।
74-पंकज नेगी, आरक्षी 113 नागरिक पुलिस (कोर्ट पैरोकार) जनपद रूद्रप्रयाग।
75-अशोक, आरक्षी 99 नागरिक पुलिस जनपद रूद्रप्रयाग।
76-हर्ष उनियाल, आरक्ष जनपद हरिद्वार।
77-सुखवीर सिंह रावत, उप निरीक्षक सशस्त्र पुलिस जनपद ऊधमसिंहनगर।
78-शंकर दत्त चौसाली, गुल्मनायक, 46वीं वाहिनी पीएसी।
79-अम्बादत्त काण्डपाल, अपर उप निरीक्षक जनपद ऊधमसिंहनगर।
80-नीरज शाही, आरक्षी 3 सशस्त्र पुलिस, पुलिस मुख्यालय।
81-जहीर अहमद, दलनायक, 31वीं वाहिनी पीएसी।
82-ईश्वर सिंह कुटियाल, निरीक्षक(एम) अभिसूचना मुख्यालय उत्तराखण्ड।
83-धर्मवीर सोलंकी, निरीक्षक नागरिक पुलिस जनपद ऊधमसिंहनगर।
84-मुकेश कुमार, मुख्य आरक्षी जनपद हरिद्वार।
85-रवि सैनी, निरीक्षक नागरिक पुलिस जनपद ऊधमसिंहगर।
86-अंकित रावत, मुख्य आरक्षी जनपद हरिद्वार।
87-सुरेश खाती, आरक्षी, जनपद बागेश्वर।
88-शैलेन्द्र शर्मा, अपर उप निरीक्षक नागरिक पुलिस जनपद टिहरी गढ़वाल।
89-प्रवीन शर्मा, मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस, पुलिस मुख्यालय। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क ‘गोल्ड'(विशिष्ट कार्य)
1-विम्मी सचदेवा रमन, पुलिस महानिरीक्षक अग्निशमन एवं आपात सेवा उत्तराखण्ड।
2-कृष्ण कुमार वी0के0 पुलिस महानिरीक्षक जीआरपी/निदेशक यातायात उत्तराखण्ड।
3-निवेदिता कुकरेती, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ परिक्षेत्र, नैनीताल।
4-कमलेश उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी।
5- हरबंश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, जनपद अल्मोड़ा।
6-भूपेन्द्र सिंह धौनी, पुलिस उपाधीक्षक जनपद ऊधमसिंहनगर।
7-प्रदीप पंत, पुलिस उपाधीक्षक जनपद देहरादून।
8- नन्द किशोर भट्ट, निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ उत्तराखण्ड।
9-हंसराज, मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस, पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड।
10-सुधीर केसला, मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस एसटीएफ उत्तराखण्ड।
11-विकास चौधरी, निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ कुमायू यूनिट।
12-अमनदीप सिंह, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस जनपद चमोली। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति पत्र
1-विवेक असवाल, उप निरीक्षक अभिसूचना लोकभवन सुरक्षा उत्तराखण्ड।
2-दीपिका राणा, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस लोकभवन सुरक्षा उत्तराखण्ड।
3-सचिन कुमार, प्लाटून कमाण्डर लोकभवन सुरक्षा उत्तराखण्ड ।
4-आशीष सिंह नेगी, अपर उप निरीक्षक नागरिक पुलिस लोकभवन सुरक्षा उत्तराखण्ड।
5-सत्येन्द्र सिंह, आरक्षी अभिसूचना लोकभवन सुरक्षा उत्तराखण्ड।
6-राकेश कुमार, मुख्य आरक्षी 218 नागरिक पुलिस जनपद हरिद्वार।
7-कुलदीप टम्टा, उप निरीक्षक एसटीएफ/साईबर उत्तराखण्ड।
8-कमलेश शर्मा, उप निरीक्षक जनपद पौड़ी गढ़वाल।
9-दीपक नौटियाल, आरक्षी सशस्त्र पुलिस जनपद रूद्रप्रयाग।
10-राजेश कुमार आरक्षी , साईबर क्राईम पुलिस थाना देहरादून।
11-नरोत्तम बिष्ट, उप निरीक्षक ना0पु0 एसटीएफ/जनपद देहरादून।
12-हितेश कुमार, अपर उप निरीक्षक एसटीएफ/जनपद देहरादून।
13-ज्योति, आरक्षी 1315 नागरिक पुलिस, इमरजेंसी रिस्पॉस सपोर्ट सिस्टम (डायल 112) देहरादून।
14-चम्पा आरक्षी 1054 नागरिक पुलिस, इमरजेंसी रिस्पॉस सपोर्ट सिस्टम (डायल 112) देहरादून।
15-सुमन, आरक्षी 555 नागरिक पुलिस इमरजेंसी रिस्पॉस सपोर्ट सिस्टम (डायल 112) देहरादून।
16-अनिल चौहान, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस जनपद पौड़ी गढ़वाल।
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