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October 17, 2026

प्रदेश के आइटीआइ में स्थानांतरणों को लेकर भारी अनियमितता, शीघ्र निरस्त हों तबादलेः पंकज सनवाल

उत्तराखंड राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ के प्रान्तीय महामंत्री पंकज सनवाल ने आज प्रशिक्षण एवं सेवायोजन विभाग के अन्तर्गत प्रशिक्षण प्रखंड में किए गए स्थानान्तरणों में विभागीय अधिकारियों पर भारी अनियमितता का आरोप लगाया।

उत्तराखंड राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ के प्रान्तीय महामंत्री पंकज सनवाल ने आज प्रशिक्षण एवं सेवायोजन विभाग के अन्तर्गत प्रशिक्षण प्रखंड में किए गए स्थानान्तरणों में विभागीय अधिकारियों पर भारी अनियमितता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तत्काल समस्त स्थान्तरणों को निरस्त करते हुए पुनः नई स्थानान्तरण सूची जारी की जाए। साथ ही उक्त प्रक्रिया की तत्काल जांच कराते हुए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
पंकज सनवाल ने एक प्रेस नोट में बताया कि उक्त स्थानान्तरणों में स्थानान्तरण एक्ट का पूर्ण रूप से दुरुपयोग किया गया है। साथ ही मनमाने ढंग से स्थानान्तरण किए गए हैं। इस संबंध में उन्होंने कई बार निदेशक से प्रत्यक्ष मुलाकात कर एवं पत्रों के माध्यम से यह मांग की थी कि संघ की ओर से विभाग के सम्मुख लाई जा रही थी कि पहले समस्त खामियों को दूर किया जाए। इसके उपरांत ही स्थानान्तरण एक्ट के अन्तर्गत स्थानान्तरण किए जाएं। विभाग ने इस मांग को अनदेखा करते हुए वर्ष 2018 की ही भांति पुनः वार्षिक स्थानान्तरणों में अनियमितता बरती है।
इन बिंदुओं पर उठाई आपत्ति
1.सर्वप्रथम स्थानान्तरण एक्ट की धारा 10(ख) उल्लंघन करते हुए विभाग द्वारा दुर्गम में तैनात किन्तु सुगम में विगत दो वर्ष से अधिक समय से सम्बद्ध कार्मिकों की सेवा दुर्गम में ही मानते हुए पात्रता सूची में प्राथमिकता दे दी गई। एक प्रकरण में तो प्रधानाचार्य द्वारा विभाग को सूचित करने के उपरांत भी विभाग ने इसकी अनदेखी की। पात्रता सूची में कोई सुधार नहीं किया गया। कई ऐसे अनुदेशक भी पात्रता सूची में सम्मिलित नहीं किए गए, जिनके द्वारा अधिकतम सेवा दुर्गम में ही की गई थी।
2.दिनांक 30 जून 2022 को अन्तिम बार विभाग द्वारा अनिवार्य स्थानान्तरण के लिए पात्र कार्मिकों की सूची वेबसाइट पर प्रकाशित करते हुए 4 जुलाई 2022 तक पुनः विकल्प आमंत्रित किए गए। विभाग की ओर से कार्मिकों की ओर से भरे गए विकल्पों को वेबसाइट पर प्रकाशित ही नहीं किया गया। जो कि स्थानान्तरण एक्ट की धारा 23(7) का स्पष्ट उल्लंघन है। इससे स्थान्तरणों की पारदर्शिता पूर्णतः संदेहास्पद है ।
3.स्थानान्तरण एक्ट की धारा 3(ज) में स्पष्ट किया गया है, कि 55 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ कार्मिकों को अनिवार्य स्थानान्तरण से मुक्त रखा जाएगा। वहीं, स्थानान्तरण सूची में वरिष्ठ कार्मिक को भी अनिवार्य रुप से स्थानान्तिरत कर दिया गया है। उक्त कार्मिकों की ओर से दिए गए प्रत्यावेदन को प्रधानाचार्य की ओर से विभाग को भेजा भी गया था।
4.(क) अनुदेशकों के कुल 31 स्थानान्तरण हुए, जिनमें से 11 स्थानान्तरण अनुरोध के आधार पर, 8 स्थानान्तरण पारस्परिक, जबकि मात्र 12 स्थानान्तरण ही सुगम दुर्गम के आधार पर किये गए हैं। वहीं, वर्षो से दुर्गम में सेवारत कार्मिक पारदर्शी स्थानान्तरण की राह देख रहे थे।
(ख) कार्यदेशकों के कुल 10 स्थानान्तरणों में से 6 अनुरोध के आधार पर, जबकि मात्र 4 सुगम दुर्गम के आधार पर हुए।
(ग) प्रधानाचार्यों के कुल 3 स्थानान्तरणों में से 2 अनुरोध के आधार पर, जबकि मात्र 1 दुर्गम से सुगम किया गया।
(घ) मिनिस्ट्रीयल संवर्ग में कुल 8 स्थानान्तरणों में 6 अनुरोध के आधार पर, जबकि मात्र 2 सुगम दुर्गम के आधार पर किये गए हैं। यह समझ ही नहीं आ रहा कि इतने अनुरोध के आधार स्थानान्तरण आखिर कैसे हो गए? जो कि कार्मिकों में चर्चा का विषय बना हुआ है ।
5.विभाग की ओर से पारदर्शी स्थानान्तरण एक्ट का सबसे बड़ा उल्लंघन अनुरोध के आधार पर किए गए स्थानान्तरणों में किया गया। इसमें अनुदेशक, कार्यदेशक, प्रधानाचार्य से लेकर मिनिस्ट्रीयल संवर्ग तक ऐसे ऐसे कार्मिकों के अनुरोध के आधार पर स्थानान्तरण किए गए हैं, जो अनुरोध के आधार पर स्थानांतरण के लिए पात्रता ही नहीं रखते थे। यहाँ तक की दुर्गम में मूलतैनाती होने के उपरांत भी कई कार्मिक/अधिकारी सुगम में ही संबद्ध थे। विगत दिनों मंत्री महोदय द्वारा संबद्धता समाप्त किए जाने के उपरांत उन्हें अनुरोध के आधार पर पुनः सुगम में ही स्थानान्तरित कर दिया गया है ।
6.कई व्यवसायों के अनुदेशक स्थानान्तरण की राह ही तकते रह गए, किन्तु उनके व्यवसाय के एक भी अनुदेशक का न तो सुगम से दुर्गम स्थानान्तरण किया गया और न ही दुर्गम से सुगम में ही स्थानान्तरण किए गए। अनुरोध के आधार पर स्थानान्तरणों के लिए विभाग ने समस्त दरवाजे खोल दिए।
पंकज सनवाल ने तत्काल उक्त समस्त स्थानान्तरण निरस्त न किए जाने की दशा में यथाशीघ्र शासन स्तर पर मुख्य सचिव से लेकर विभागीय सचिव, विभागीय मंत्री से भी मुलाकात कर विभागीय अधिकारियों की ओर से स्थानान्तरण एक्ट का उल्लंघन करने की शिकायत करने की बात कही। सनवाल ने सपष्ट किया कि एक्ट के उल्लंघन को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।