विश्व गुर्दा दिवस: कम नमक के सेवन से रहेगी किडनी स्वस्थ, इनका करें त्याग, चीनी का कम करें इस्तेमाल, एम्स ऋषिकेश में जागरूकता अभियान
विश्व गुर्दा दिवस के उपलक्ष्य में एम्स ऋषिकेश में आयोजित नुक्कड़ नाटक में बताया गया कि भोजन में नमक की मात्रा कम करके हम अपनी किडनी को खराब होने से बचा सकते हैं। संदेश दिया गया कि भोजन में कम नमक का उपयोग हाई ब्लड प्रैशर के जोखिम को कम करने का बेहतर तरीका है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
एम्स ऋषिकेश की ओर से किडनी रोगों पर जन जागरूकता के लिए श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रमों का आयोजन जारी है। बृहस्पतिवार को संस्थान के गुर्दा रोग विभाग की ओपीडी एरिया में नर्सिंग छात्राओं द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर किडनी को खराब होने से बचाव के तरीके बताए गए। साथ ही समझाया गया कि किडनी रोगियों के लिए किस प्रकार का आहार लाभकारी होता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ओपीडी में मौजूद रोगियों और उनके तीमारदारों को नाटक के माध्यम से बताया गया कि किडनी हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है और गलत खान-पान से किडनी खराब हो सकती है। बताया गया कि भोजन में नमक की मात्रा न्यूनतम रखने से हम अपनी किडनी को स्वस्थ रख सकते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
नाटक के दौरान विभिन्न संदेंशों द्वारा सलाह दी गयी कि शराब और धूम्रपान के सेवन से बचा जाए और भोजन में कम प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों का उपयोग किया जाए। ज्यादा प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से गुर्दे को ज्यादा काम करना पड़ता है और शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को निकालने के लिए गुर्दों की क्षमता कम हो जाती है। डिब्बाबंद भोजन से बचने और चीनी का कम उपयोग भी किडनी के लिए लाभकारी बताया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस दौरान नेफ्रोलॉजी विभाग की डॉ. शेरोन कंडारी, डॉ. दीपेश धुत, डॉ. साहिल सहित डायलेसिस यूनिट की एसएनओ अंजना, प्रह्लाद कुमार व नर्सिंग स्टाफ श्रुति, पूर्णिमा, शिवानी और महेन्द्र, सुनील के अलावा नर्सिंग स्टूडेन्ट्स मौजूद रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस दिन के बारे में
विश्व गुर्दा दिवस हर साल मार्च के दूसरे गुरुवार को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य किडनी के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और गुर्दे की बीमारियों की शुरुआती पहचान और रोकथाम पर जोर देना है। इस अवसर पर, किडनी को स्वस्थ रखने और बीमारियों के बारे में जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उद्देश्य: गुर्दे की बीमारियों के बारे में जागरूकता फैलाना।
महत्व: गुर्दे के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना और शीघ्र पहचान को बढ़ावा देना।
पहल: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के माध्यम से पूरे देश में डायलिसिस केंद्र सुलभ कराना।
एआई के जवाब से हो सकती हैं गलतियां
यह दिन हमें अपने गुर्दे की देखभाल के प्रति और अधिक जागरूक बनाता है। इसका मकसद सिर्फ़ जानकारी देना है. स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह या जांच के लिए, किसी पेशेवर डॉक्टर से बात करें। एआई से मिले जवाबों में गलतियां हो सकती हैं।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


