Recent Posts

Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Recent Posts

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

October 17, 2026

हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में सीपीआर तकनीक पर कार्यशाला, जीवनदायिनी से कम नहीं सीपीआरः डॉ. वीना अस्थाना

देहरादून के डोईवाला स्थित हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में कॉर्डियो पल्मोनरी रिससिएशन (सीपीआर) पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

देहरादून के डोईवाला स्थित हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में कॉर्डियो पल्मोनरी रिससिएशन (सीपीआर) पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें अस्पताल के कर्मचारियों को आपात स्थिति में सीपीआर देने की तकनीक व इसके महत्व के विषय में जानकारी दी गयी। बुधवार को हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट के ऐनेस्थिसिया विभाग की ओर से आयोजित आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. वीना अस्थाना ने कहा कि कॉर्डियो पल्मोनरी रिससिएशन (सीपीआर) तकनीक के प्रयोग से किसी व्यक्ति की सांस व दिल की धड़कन अचानक रुक जाने पर उसे बचाया जा सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि (सीपीआर) तकनीक का ज्ञान मेडिकल के छात्रों के साथ नॉन क्लिीनिकल छात्रों को भी होना चाहिए, जिससे की जरूरत पड़ने पर किसी का जीवन बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि देश में हर साल लाखों लोगों की दिल की बीमारी की वजह से मौत हो जाती है। इनमें से पचास फीसदी लोगों की मौत वक्त पर अस्पताल न पहुंच पाने की वजह से होती है। ऐसे में सीपीआर तकनीक किसी जीवनदायिनी से कम नहीं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

डॉ. पारुल ने कहा अगर किसी शख्स को दिल का दौरा पड़ा है तो उसकी जीवन की रक्षा के लिए शुरुआती कुछ मिनट बेहद अहम होते है। ऐसे में सीपीआर तकनीक का इस्तेमाल कर प्रभावित व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को इस जीवनदायी तकनीक का प्रशिक्षण लेना चाहिए। क्योंकि आपातकालीन स्थिति से सामना कहीं भी और कभी भी हो सकता है। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने पुतलों पर सीपीआर देने का अभ्यास किया और वीडियो के माध्यम से सीपीआर की तकनीक को समझा।

Bhanu Prakash

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।