ऑनलाइन खेल का टास्क, महिला के सिर पर हकीकत में मार दिया हथौड़ा, पांच दिन बाद शिमला में मिला

ऑनलाइन गेम में बच्चे किस कदर सम्मोहित होकर अपराध कर रहे हैं, ऐसा एक सनसनीखेज मामला देहरादून में सामने आया है। एक 12 वीं के छात्र ने महिला के सिर पर हथौड़ा मार दिया। इसके बाद वह घर से फरार हो गया। परिवार वाले पुलिस की मदद से उसे तलाशते रहे, लेकिन वह तो प्रदेश की सीमा को पार कर चुका था। आज देहरादून पुलिस ने उसे हिमाचल प्रदेश के शिमला से लेकर आई।
अभिभावकों के लिए
सभी माता-पिता और अभिभावकों से अनुरोध है कि अपने बच्चों पर निगाह जरूर रखें। कहीं ऐसा तो नहीं कि वह आनलाइन गेम में बहुत ज्यादा समय निकाल रहा हो। ऐसे गेम में जो टास्क मिलते हैं, उसे पूरा करने के लिए बच्चे ऐसी हरकतें कर जाते हैं, जो सामान्य घटना नहीं होती। वे कब अपराध की दुनिया में कदम रखते हैं, इसका न तो बच्चों को आभास होता है और न ही अभिभावकों को। यहां भी ऐसा प्रकरण सामने आया। बताया तो यहां तक जा रहा है कि कुछ खेल में ऐसे टास्क मिलते हैं कि किसी पर हमला करो। किसी की हत्या करो। या फिर आत्महत्या करो। कुछ लोग तो इसे खेल समझकर वास्तविक जिंदगी में ऐसा कुछ नहीं करते, वहीं, कुछ बच्चे खुद को खेल में इतना समर्पित करते हैं कि उन्हें खेल की बातों के अलावा कुछ नहीं सूझता है। यहां ऐसी ही घटना आपको बताई जा रही है।
ये हुई थी घटना
दिनांक 22 फरवरी की रात करीब आठ बजे नेहरू कालोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्वर्ण गंगा एनक्लेव लेन नंबर दो निवासी सिद्धार्थ आहलूवालिया की पत्नी ज्योति नेगी पशुपति हाट के पास मोबाइल पर बात कर रही थी। तभी किसी पीछे से उसके सिर पर हथौड़ा मार दिया। साथ ही उसके गले में भी धारदार हथियार से वार किया गया। इससे महिला लहूलुहान हो गई। हमला करने वाला मौके से फरार हो गया। घायल महिला को कनिष्क अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला के पति ने इस संबंध में नेहरू कालोनी थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।
जांच में उलझ गई थी पुलिस
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया तो घटनास्थल पर स्कूल की एक प्रोजेक्ट फाइल मिली। इस पर छात्र का नाम रजत (काल्पनिक नाम) लिखा था। पीड़ित महिला से जब जानकारी चाही तो उन्होंने उक्त नाम से संबंधित कोई जानकारी नहीं थी। साथ ही वह उसे पहचानती भी नहीं थी। ऐसे में पुलिस की मुसीबत और बढ़ गई। पुलिस ने आसपास जांच की तो वहां सीसीटीवी कैमरे भी नहीं मिले। साथ ही महिला पर हमले का उद्देश्य भी पता नहीं चल पाया।
घर से गायब छात्र पर हुआ शक
इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि पटेलनगर थाना क्षेत्र से एक 17 वर्षीय छात्र गायब है। उसका नाम रजत (काल्पनिक नाम) है। वह महिला पर हमले की घटना से पूर्व घर से प्रोजेक्ट की फाइल बाइंडिंग कराने गया था। इस संबंध में उसके परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई। अब पुलिस को पक्का विश्वास हो गया कि घटनास्थल पर मिली फाइल गायब हुए छात्र की है।
शिमला पहुंची पुलिस
किशोर को तलाशती हुई पुलिस हिमाचल के पांउटा साहिब पहुंची। वहां पता चला कि वह शिमला की बस में सवार हुआ था। बस के परिचालक का मोबाइल नंबर लेकर पुलिस ने जानकारी चाही तो पता चला कि वह शिमला बस स्टैंड पर उतारा गया था। इस पर एक टीम शिमला भेजी गई। साथ ही वहां करीब सौ से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। आज सुबह उसे शिमला स्थित एक गुरुद्वारा से बरामद कर लिया।
रजत का कथन
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में रजत ने बताया कि वह कक्षा 12 का छात्र है। वह ऑनलाइन गेमिंग का शौकीन है । उसका अधिकतर समय ऑनलाइन गेम खेलने में व्यतीत हो जाता है। दिन रात वह साइबर वर्ल्ड में व्यस्त रहता है। कथा, वेब सीरीज और नोबेल लिखने का वह शौकीन है।
बयां की घटना की कहानी
उसने बताया कि घटना के दिन वह घर से अपनी प्रोजेक्ट फाइल पर बाइंडिंग करवाने के लिए घर से निकला था। वह पैदल पैदल चलते हुए बंगाली कोठी के पास पहुंचा। वहां उसे कारपेंटर का काम करते हुए लोग दिखाई दिए। उसने वहां से एक हथौड़ी उठाई व आगे चलता गया। तभी उसे एक लड़की फोन पर बात करते हुए दिखाई दी, तो उसने उसके सिर पर हथौड़े से वार कर दिया। जब लड़की नीचे गिरकर चिल्लाई तो वह फाइल व हथौड़ी वहीं छोड़कर भाग गया।
पैदल पहुंच गया पांउटा साहिब
महिला पर हमले के बाद वह पैदल पैदल चलता रहा। कारगी चौक से उसने मेन रोड पकड़ी। वह रात भर चलकर हरबर्टपुर होते हुए पांउटा साहिब पहुंच गया। यानी कि घटना के बाद ये किशोर करीब 52 किलोमीटर से अधिक पैदल चला। वहां एक रात उसने गुरुद्वारा में गुजारी। वह अगली सुबह एक अनजान व्यक्ति से उसने एक हजार रुपये लिए। इस राशि से उसने स्वयं के लिए जूते खरीदे। इसके बाद बस में बैठ कर शिमला बस स्टैंड में उतर गया।
लोगों ने खिलाया खाना, गुरुद्वारे में गया तो पुलिस ने पकड़ा
शिमला में वह पैदल-पैदल घूमता रहा। वहां लोग उसे खाना खिला देते थे। कुछ ने लोगों ने उसे घर जाने को भी कहा। वह पूरे शिमला में पैदल-पैदल घूमता रहता, फिर घूम फिर कर एक ही जगह वापस आ जाता था। इस पर कुछ लोगों ने उसे गुरुद्वारा में जाकर रहने खाने की सलाह दी। वह गुरुद्वारे में गया और रहने की जगह मांगी। तब तक पुलिस पहुंच गई। इस छात्र का कहना है कि उसे नहीं पता कि उसने ऐसा क्यों किया। वह अक्सर वर्चुअल वर्ल्ड में समय व्यतीत करता है। पुलिस के मुताबिक इस किशोर को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जा रहा है।



