देखें वीडियोः गंगोत्री धाम में सफाई मजदूरों के लिए नहीं है सुरक्षित ठिकाना, प्रशासन और शासन ने फेरा मुंह
उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम में सफाई मजदूरों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाने की व्यवस्था सरकार आज तक नहीं कर पाई है। ऐसे में उनकी जिंदगी खतरे से खाली नहीं है। ये श्रमिक टिन या त्रिपाल की शेड में रहने को मजबूर हैं। न ही इनकी तरफ किसी जनप्रतिनिधि की नजर पड़ती है और न ही अधिकारी की।गंगोत्री धाम की सफाई व्यवस्था के लिए नगर पंचायत की और से करीब 20 श्रमिक तैनात किए गए हैं। कई वर्षों से इस व्यवस्था में जुटे मजदूरों की सुध कोई नहीं ले रहा है। प्लास्टिक तिरपाल से झुग्गी झोपड़ी बनाकर उसमें ये निवास कर रहे हैं। जहां वे रहते हैं वो स्थान गौरीकुंड के ठीक सामने है। जहां एक और गंगा भागीरथी के फव्वारे जैसे पानी से तापमान में हर समय गिरावट रहती है।
यही नहीं सितंबर माह में तो गंगोत्री धाम का तापमान काफी नीचे आ जाता है। ऐसे में इन मजदूरों का त्रिपाल और टिन शेड के नीचे जीवन यापन करना खतरे से खाली नहीं है। शासन-प्रशासन ने इन लोगों के रहने के लिए कोई भी पक्का निर्माण करने की सुध तक नहीं ली है।
गंगोत्री धाम से सत्येंद्र सेमवाल की रिपोर्ट

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



