विजिलेंस की टीम ने हरिद्वार में लिपिक को 2100 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों किया गिरफ्तार
हरिद्वार जिले के मंगलौर में सहायक चकबंदी अधिकारी कार्यालय में नियुक्त लिपिक को विजिलेंस की टीम ने 2100 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार किया। अब आरोपी की अन्य स्थानों पर चल- अचल सम्पत्ति के सम्बन्ध में भी पूछ्ताछ जारी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सतर्कता अधिष्ठान सैक्टर देहरादून में एक व्यक्ति ने शिकायती पत्र देकर लिपिक पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे। उसने बताया कि उसके भाई ने एक प्लाट अपनी बुआ से खरीदा था। इसके दाखिला खारिज की एवज में सहायक चकबन्दी अधिकारी कार्यालय मंगलौर में नियुक्त लिपिक विनोद कुमार की ओर से रिश्वत की माँग की जा रही हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस शिकायत पर विजिलेंसस देहरादून की ट्रैप टीम ने सहायक चकबन्दी अधिकारी कार्यालय कुरूड़ी मंगलौर से आरोपी को उस वक्त गिरफ्तार किया, जब उसे शिकायत करने वाले व्यक्ति ने 2100 रुपये रिश्वत के दिए। सतर्कता निदेशक डॉ. वी मुरुगेशन ने इस ट्रैप टीम को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
साथ ही उन्होंने राज्य के लोगों से अपेक्षा की कि यदि कोई सरकारी विभागों में नियुक्त अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के लिए रिश्वत की मांग करता है। या फिर उसके पास आय से अधिक संपक्ति है, तो सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री हैल्पलाइन नम्बर-1064 एवं Whatsapp हैल्पलाईन नम्बर 9456592300 पर सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरूद्ध मुहिम में शामिल हों।
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