फर्जी वेबसाइट से अधिक राशि का कमाने का लालच देने वाले गिरोह के सरगना को उत्तराखंड एसटीएफ ने बेंगलुरु से किया गिरफ्तार
उत्तराखंड एसटीएफ के साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन ने फर्जी वेबसाइट में धनराशि लगाकर अधिक लाभ कमाने का लालच देकर एक करोड़ की धोखाधडी करने वाले गिरोह के सरगना को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया। उसकी बेंगलुरु पुलिस को भी तलाश थी। बताया गया है कि ये भारत से करोड़ो रुपया क्रिप्टो करेंसी के माध्यम बाहर भेजा करते थे। इस गिरोह ने 10 करोड़ रुपया भारत से बाहर भेजा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने बताया कि साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को एक प्रकरण प्राप्त हुआ था। इसमें अज्ञात व्यक्ति ने एक व्यक्ति से संपर्क कर स्वयं का परिचय लिसा नाम से दिया। साथ ही उसने फर्जी वेबसाईट पर मुयचल फंड में धनराशि लगाकर लाभ कमाने का लालच दिया और उससे करीब एक करोड़ रुपये की ऑनलाईन धोखाधड़ी कर दी। शिकायत के आधार पर साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अभियोग में अभियुक्तों के विरुद्ध कार्यवाही के लिए गठित टीम ने घटना में प्रयुक्त मोबाईल नम्बर तथा अभियुक्तो की ओर से शिकायतकर्ता ठगी गई धनराशि की जानकारी जुटाई गई। पता चला कि अभियुक्तों ने शिकायतकर्ता से म्यूचुअल फंड में निवेश कर अधिक लाभ कमाने के नाम पर धोखाधड़ी की थी। मोबाईल नम्बर व खातों की जानकारी पर पता चला कि आरोपियों का संबंध बेंगलौर कर्नाटक से है। इस पर एक टीम मौके के लिए रवाना की गई। मुख्य आरोपी महमीद सरीफ पुत्र सुलेमान निवासी 1-115 मार्केट रोड बड़ा उडिपि कर्नाटका को बेंगलौर से गिरफ्तार किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उससे घटना में प्रयुक्त 1 लैपटॉप, 3 मोबाईल फोन, 11 डैबिट कार्ड, 03 क्रैडिट कार्ड, विभिन्न बैंको की पास बुक व चेक बुक तथा आधार, पैन, ड्राईविंग लाईसेंस, ट्रैवल कार्ड बरामद किये गए। उसके खिलाफ पूर्व में भी बेंगलौर में साईबर अपराध संबंधी मुकदमा दर्ज है। साथ ही उसका अपराधिक इतिहास भी रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अपराध का तरीका
आरोपी ने मोबाईल नम्बर पर मलेशिया से व्हाट्सएप पर एक मैसेज कर अच्छा रिटर्न प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को झांसा दिया। साथ ही फर्जी वेबसाइट पर म्यूचुअल फंड में निवेश करने की सलाह दी। इस पर शिकायतकर्ता ने पेटीएम के माध्यम से 10000 रुपये की राशि के साथ शुरुआत की। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को लुभाने के लिए भारतीय बैंकों का इस्तेमाल किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इसके पश्चात धीरे-धीरे जब शिकायतकर्ता को उचित रिटर्न मिलना शुरू हुआ तो उन्होंने भारतीय बैंकों में पैसा लगाकर अपनी राशि बढ़ाकर लगभग 30 लाख रुपये कर दी। इसी तरह उसके साथ भारतीय बैंकों में पैसा लगाने के नाम पर करीब एक करोड़ की धोखाधड़ी की गई। वे धोखाधडी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैक खातो में प्राप्त कर उक्त धनराशि का प्रयोग करते हैं। इस कार्य के लिए फर्जी सिम आईडी कार्ड का प्रयोग किया जा रहा था।



