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October 28, 2026

उत्तराखंड कौथिगः उत्तराखंडी परिधानों की प्रतियोगिता, विभिन्न प्रदेशों के लोकनृत्य ने मचाई धूम

अखिल गढ़वाल सभा देहरादून की ओर से रेंजर्स कॉलेज ग्राउंड में आयोजित उत्तराखंड कौथिग में दोपहर को महिलाओं की उत्तराखंडी वेश भूषा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। वहीं, शाम को विभिन्न प्रदेशों के लोकनृत्यों की प्रस्तुति ने धूम मचा दी। देर रात तक आयोजित किए जा रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम इस कौथिग का सबसे बड़ा आकर्षण हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

वेशभूषा प्रतियोगिता में निर्णायकों की भूमिका में सुप्रसिद्ध लोकगायिका रेखा उनियाल धस्माना और कुमाउनी साहित्यकार भारती पांडे थी। मुख्य अतिथि क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की सचिव किरण रौतेला थी। इससे पहले दिन कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि रात के सांस्कृतिक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

गढ़वाल सभा की उपाध्यक्ष निर्मला बिष्ट और मुख्य अतिथि किरण रौतेला ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता में प्रथम पुस्कार कुमाउनी परिधान पहने बबिता साह लोहनी को मिला। द्वितीय पुरुस्कार द्वारिका बिष्ट और तीसरा पुरस्कार रीटा बिष्ट और चौथा पुरुस्कार सुशीला सेमवाल को मिला।। प्रतियोगता की संयोजक संगीता ढोंडियाल और तारेश्वरी भंडारी रही। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

शाम के कार्यक्रमो में 6.00 बजे शुभारम्भ देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने सभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि गढ़वाल सभा द्वारा सम्पूर्ण भारत के लोकनृत्यों कार्यक्रम का आयोजन कर देश की एकता का और अखंडता का बहुमूल्य संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति सभी को समाहित कर लेती है। सभा के अध्यक्ष रोशन धस्माना व महासचिव गजेंद्र भंडारी ने गढ़वाल सभा द्वारा अपनी संस्कृति को नई पीढ़ी को सौंपने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

इसके पश्चात भारत के विभिन्न प्रदेशों के लोकनृत्यों कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। इसकी शुरुआत नंदा देवी की डोली के साथ ” जै बोला जी भगोती नंदा, नन्दा ऊंचा कैलाश की जय” शुरू हुई। इसके बाद कुमाऊं का प्रसिद्ध हरेला पर्व पर आधारित लोकनृत्य प्रस्तुत हुआ। इसके बोल “दा शकुन आशीष” थे। हिमाचल प्रदेश का प्रसिद्ध नृत्य “तिरछी नज़र” के बाद जौनपुर से आये कलाकारों ने नाटी और तांदी को मिला कर सुंदर बेजोड़ प्रस्तुति दी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इसके बाद पुनः गुजरात का पारंपरिक गरबा नृत्य “रामतिया शुभारम्भ” प्रस्तुत किया गया। आसाम के कलाकारों द्वारा सुंदर व प्रसिद्ध बिहू नृत्य प्रस्तुत किया तो दर्शक भावविभोर हो गए। जौनसार के कलाकारों द्वारा प्रसिद्ध हारुल नृत्य प्रस्तुत किया गया। राजस्थान के कलाकारों द्वारा रंग बिरंगा पारंपरिक लोकनृत्य “टूटी बाजी” प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन, जौनसार क्षेत्र का प्रसिद्ध पारंपरिक जंगबाज़ी नृत्य प्रस्तुत किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

कार्यक्रम को दर्शकों ने बहुत सराहा। संचालन सभा के सांस्कृतिक सचिव पंडित उदय शंकर भट्ट ने किया। इस अवसर पर सभा के प्रवक्ता अजय जोशी, वीरेंद्र असवाल, सहसचिव संतोष गैरोला, सूर्य प्रकाश भट्ट, सिविल डिफेंस से आभा शर्मा, बीरेंद्र , लक्ष्मी बहुगुणा, मुनि राम सकलांनी, नंद किशोर हटवाल आदि उपस्थित थे।
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Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।