उत्तराखंड सरकार ने अगले साल के सार्वजनिक अवकाश किए घोषित, राजनीति की भेंट चढ़ा इगास पर्व, इस बार कलेंडर से गायब, देखें सूची
उत्तराखंड में शासन ने साल 2022 के सार्वजनिक अवकाशों की सूची जारी कर दी है। शासन की ओर से साल 2022 में 26 सार्वजनिक अवकाश घोषित किए गए हैं। हालांकि, सचिवालय और विधानसभा में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह होता है। इसके साथ ही शासन ने 18 निर्बंधित अवकाश भी घोषित किए हैं। खासबात ये है कि अगले साल इगास पर्व की छुट्टी को कलेंडर से गायब कर दिया गया है। इस साल ये पर्व 14 नवंबर को था। इसे लेकर सरकार ने 14 नवंबर की छुट्टी घोषित की थी। फिर भूल का पता चला कि इस दिन रविवार है। इस पर सरकार ने इसकी छुट्टी में परिवर्तन करते हुए 15 नवंबर कर दी थी। इसे लेकर सरकार ने अपनी पीठ थपथपाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अब अगले साल इगास पर्व से पहले विधानसभा चुनाव निपट जाने हैं, ऐसे में अगले साल की छुट्टी की सूची से इसे गायब कर दिया गया है। उत्तराखंड में सार्वजनिक अवकाशों की सूची दो दिसंबर को जारी की गई। शासन से जारी सार्वजनिक अवकाश की सूची पर नजर डाली जाए तो इस बार छह सार्वजनिक अवकाश रविवार और तीन शनिवार को पड़ रहे हैं। इस साल 2021 के लिए 28 सार्वजनिक अवकाश घोषित किए गए थे। अगले साल महावीर जयंती और डा. भीमराव आंबडेकर जंयती एक साथ पड़ रही है। वहीं, ईद-ए-मिलाद-और महिर्षि वाल्मीकि की जयंती एक साथ पड़ रही है। इसके चलते 2022 में 26 सार्वजनिक अवकाश रहेंगे।क्या है इगास पर्व
इगास पर्व को उत्तराखंड में गढ़ावल और कुमाऊं में दीपावली के रूप में मनाया जाता है। गढ़वाल में इसे इगास पर्व कहते हैं तो वहीं, कुमाऊं में इसे बूढ़ी दीवाली के रूप में भी जाना जाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम जब रावण का वध करने के बाद अयोध्या पहुंचे तो इसकी सूचना उत्तराखंड को 11 दिन बाद मिली। तब यहां दीपावली मनाई गई थी। इसी दीवाली को इगास पर्व या बूढ़ी दीपावली कहते हैं। एक अन्य पौराणिक मान्यता के अनुसार करीब 400 साल पहले वीर भड़ माधो सिंह भंडारी के नेतृत्व में टिहरी, उत्तरकाशी, जौनसार, श्रीनगर समेत अन्य क्षेत्रों से योद्धा बुलाकर सेना तैयार की गई। इस सेना ने तिब्बत पर हमला बोलते हुए वहां सीमा पर मुनारें गाड़ दी थीं। तब बर्फबारी होने के कारण रास्ते बंद हो गए। कहते हैं कि उस साल गढ़वाल क्षेत्र में दीपावली नहीं मनी, लेकिन दीपावली के 11 दिन बाद माधो सिंह भंडारी युद्ध जीतकर गढ़वाल लौटे तो पूरे क्षेत्र में भव्य दीपावली मनाई गई। तब से कार्तिक माह की एकादशी पर यह पर्व मनाया जाता है।
इन दिनों रहेंगे सार्वजनिक अवकाश
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी
महाशिवरात्रि एक मार्च
होलिका दहन 17 मार्च
होली 18 मार्च
राम नवमी 10 अप्रैल
महावीर जयंती 14 अप्रैल
डा. भीमराव आंबेडकर जयंती 14 अप्रैल
गुड फ्राइडे 15 अप्रैल
ईद-उल-फितर तीन मई
बुद्ध पूर्णिमा 16 मई
ईद-उल-जुहा (बकरीद) दस जुलाई
हरेला 16 जुलाई
मोहर्रम नौ अगस्त
रक्षा बंधन 11 अगस्त
स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त
जनमाष्टमी 18 अगस्त
महात्मा गांधी जयंती दो अक्टूबर
दशहरा (विजयादशमी) पांच अक्टूबर
ई-ए-मिलाद नौ अक्टूबर
महिर्षि वाल्मीकि जयंती नौ अक्टूबर
दीपावली 24 अक्टूबर
गोवर्धन पूजा 26 अक्टूबर
गुरुनानक जयंती आठ नवंबर
क्रिसमस डे 25 दिसंबर
सचिवालय और विधानसभा को छोड़ प्रदेश में इन दिनों रहेगा अवकाश
गुरू गोविंद सिंह जयंती- नौ जनवरी
चेटीचंद – दो अप्रैल
विश्वकर्मा पूजा – 17 सितंबर
गुरू तेगबहादुर शहीदी दिवस- 24 नवंबर

Bhanu Prakash
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



